बैंकों को निर्देश: ऋण वितरण बढ़ाएं, योजनाओं को दें प्राथमिकता

rakesh nandan

18/03/2026

जिला मंडी में विभिन्न बैंकिंग योजनाओं और वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों की प्रगति को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह ने की, जिसमें जिले के विभिन्न बैंकों और विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना और यह सुनिश्चित करना था कि इन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंच सके।

अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह ने सभी बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे ऋण वितरण की प्रक्रिया को तेज करें और विशेष रूप से स्वरोजगार योजनाओं को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (RSETI) की भूमिका अहम है।

अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सूची प्रस्तुत करें। इसका उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सके।

बैठक में बताया गया कि RSETI द्वारा अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच कुल 16 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 488 लोगों को प्रशिक्षित किया गया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आचार और मसाला निर्माण, टेलरिंग, मशरूम उत्पादन, जूट उत्पादन, खिलौना निर्माण, मोमबत्ती निर्माण और मधुमक्खी पालन जैसे व्यावसायिक कौशल सिखाए गए।

इन प्रशिक्षणों का उद्देश्य लोगों को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर करना है। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अग्रणी जिला प्रबंधक चंद्र प्रकाश ने बैठक में जानकारी दी कि जिले के बैंक विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इनमें प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ा जा रहा है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय होना आवश्यक है।

अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि यदि सभी विभाग और बैंक मिलकर कार्य करें, तो जिले में आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का सही लाभ तभी मिल सकता है, जब उन्हें पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए।

बैठक में नगर निगम मंडी के आयुक्त रोहित राठौर, जिला विकास अधिकारी जी.सी. पाठक, आरबीआई के एलबीओ तरुण चौधरी, पीएनबी वृत्त कार्यालय मंडी के मुख्य प्रबंधक रोहित कुमार, नाबार्ड के डीडीएम राकेश वर्मा सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि यह बैठक जिले में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि इन निर्देशों का सही तरीके से पालन किया जाता है, तो इससे जिले के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।