पल्स पोलियो ड्यूटी में मौत पर आंगनवाड़ी यूनियन का विरोध

rakesh nandan

09/01/2026

मंडी ज़िले के टारना वृत्त में पल्स पोलियो अभियान की ड्यूटी के दौरान गिरने से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की मौत से प्रदेश भर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में रोष है। आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन (संबद्ध CITU) ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही और असुरक्षित कार्य व्यवस्था का परिणाम बताया है।

यूनियन ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से पल्स पोलियो, बीएलओ ड्यूटी, सर्वे और अन्य जोखिमपूर्ण बहु-विभागीय कार्य कराए जाते हैं, लेकिन दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में सुरक्षा, बीमा या मुआवज़े की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। इससे पहले कुल्लू और चंबा ज़िलों में भी ड्यूटी के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मौत के मामले सामने आ चुके हैं।

यूनियन का कहना है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को न सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं, न दुर्घटना बीमा, न जोखिम भत्ता और न ही पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महीनों तक वेतन रोके जाना उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित कर रहा है।

आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने मांग की है कि ड्यूटी के दौरान मृत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवज़ा दिया जाए, सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दुर्घटना बीमा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए तथा लंबित वेतन का तुरंत भुगतान किया जाए।

यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।