मंडी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण

rakesh nandan

04/03/2026

मंडी में “पोषण भी, पढ़ाई भी” प्रशिक्षण कार्यशाला

मंडी में बाल विकास विभाग, परियोजना सदर मंडी द्वारा जिला परिषद भवन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए तीन दिवसीय “पोषण भी, पढ़ाई भी” प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के समापन अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय बदरेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


पोषण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर

समापन समारोह को संबोधित करते हुए अजय बदरेल ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पोषण और शिक्षा दोनों को समान रूप से महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ‘आधारशिला’ और ‘नवचेतना’ पाठ्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को पोषण के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्रदान की जा सकती है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा।


ग्रोथ मॉनिटरिंग पर विशेष मार्गदर्शन

कार्यशाला के दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी जितेंद्र सैनी ने बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग (विकास निगरानी) के विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताया कि बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और विकास की निगरानी से कुपोषण जैसी समस्याओं की समय रहते पहचान की जा सकती है।


खेल-खेल में शिक्षा की पद्धति

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनरों द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को खेल-खेल में शिक्षा देने की पद्धति पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को रोचक और आनंददायक वातावरण में शिक्षा दी जा सके। ऐसी शिक्षण पद्धति से बच्चे जल्दी सीखते हैं और उनकी सीखने की क्षमता भी बढ़ती है।


लगभग 100 कार्यकर्ताओं ने लिया प्रशिक्षण

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में वृत्त कटौला, कटिंडी, शिवाबदर और पंडोह क्षेत्रों के लगभग 100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इन कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर कौशल्या देवी, संदीप चौहान, नीतू शेखरी, रमा, कमलेश कपूर, कमलेश शर्मा, बृजलाल, सुनील, कमला, नीरज, चिंता, सीमा, लता, लज्जया, कृष्णा, संतोष और कश्मीर सहित अन्य प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।


टीम वर्क से सफल हुआ प्रशिक्षण

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में पोषण कॉर्डिनेटर रक्षा और परियोजना स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रशिक्षकों और अधिकारियों के सामूहिक प्रयास से कार्यशाला का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर

समापन अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के विकास और पोषण सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।