मैड़ी होली मेले की तैयारियों की समीक्षा
Maidi में 24 फरवरी से 5 मार्च तक आयोजित होने वाले ऐतिहासिक होली मेले के मद्देनज़र अजीत दरबार मैड़ी में सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में Sudarshan Singh Bablu विशेष रूप से उपस्थित रहे और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसडीएम अंब Paras Aggarwal ने गुरुद्वारा प्रबंधन समिति, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर तैयारियों का जायजा लिया।
चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
एसडीएम ने बताया कि मेले के सफल संचालन के लिए पुलिस, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, विद्युत तथा पेयजल प्रबंधन की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।
850 पुलिस जवान
125 महिला पुलिस कर्मी
750 होमगार्ड जवान
मेले के दौरान तैनात रहेंगे।
एडीसी ऊना मेला अधिकारी और एसडीएम अंब सहायक मेला अधिकारी होंगे। वहीं एएसपी ऊना पुलिस मेला अधिकारी तथा डीएसपी अंब सहायक पुलिस मेला अधिकारी के रूप में तैनात रहेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में मेडिकल पोस्ट भी स्थापित की जाएगी।
3 मार्च को निशान साहिब (झंडा चढ़ाने) की रस्म और 5 मार्च की मध्यरात्रि को पंजा प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
मालवाहक वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेला अवधि के दौरान ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, टैम्पू और अन्य मालवाहक वाहनों से श्रद्धालुओं का आना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
ऐसे वाहनों को बॉर्डर क्षेत्र पर ही रोका जाएगा और नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालु केवल एचआरटीसी बसों के माध्यम से ही मेला क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे।
मेला क्षेत्र 10 सेक्टरों में विभाजित
व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मेला क्षेत्र को 10 सेक्टरों में बांटा गया है।
इसके अतिरिक्त ऊना-मैहतपुर, हरोली-पंडोगा तथा मरवाड़ी-मुबारिपुर को अतिरिक्त सेक्टर के रूप में चिन्हित किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।
आपात स्थिति के लिए नैहरी, मैड़ी और चरण गंगा में एक-एक एंबुलेंस तैनात रहेगी।
नेटवर्क समस्या से निपटने के लिए जियो और एयरटेल प्रतिनिधियों को ट्रांसमीटर और रिसीवर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
टैक्सियों को स्पेशल परमिट
नैहरी से मैड़ी तक यात्रियों की सुविधा के लिए पहली 100 टैक्सियों को एसडीएम कार्यालय अंब से विशेष परमिट जारी किए जाएंगे।
आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बसों की भी व्यवस्था की जाएगी।
सड़क किनारे लंगर लगाने की अनुमति नहीं होगी। लंगर लगाने के लिए एसडीएम कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा तथा 10,000 रुपये की सुरक्षा राशि जमा करवानी होगी (5,000 रिफंडेबल और 5,000 नॉन-रिफंडेबल)।
खाद्य सामग्री व स्वच्छता पर निगरानी
जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग मेला अवधि में खाद्य सामग्री, प्लास्टिक, खुली बोतलों में पेट्रोल-डीजल तथा ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग पर सख्त निगरानी रखेगा।
पीडब्ल्यूडी सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करेगा, जल शक्ति विभाग पेयजल आपूर्ति संभालेगा और स्वच्छता का जिम्मा सुलभ इंटरनेशनल को सौंपा गया है।
हर दुकान के बाहर डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा।
मेला क्षेत्र में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही धीमी आवाज में लाउडस्पीकर की अनुमति रहेगी।
श्रद्धालुओं से अपील
विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं और गुरुओं की पावन भूमि है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रेम, सौहार्द और अनुशासन के साथ मेले में भाग लेने की अपील की।
उन्होंने विशेष रूप से टैम्पू और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे असुरक्षित वाहनों से यात्रा न करने का आग्रह किया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
उन्होंने कहा कि आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन का सहयोग करना प्रत्येक श्रद्धालु का दायित्व है।
निष्कर्ष
मैड़ी में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक होली मेला क्षेत्र की आस्था और परंपराओं का प्रतीक है।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे नियमों का पालन करते हुए मेले को शांतिपूर्ण और सफल बनाने में सहयोग करें।