मध्य जलेब में शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष
Kuldeep Singh Pathania, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी–2026 के अवसर पर राज देवता श्री माधोराय जी की अगवानी में निकाली गई मध्य जलेब में शामिल हुए। उन्होंने Raj Madhav Rai Temple में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मध्य जलेब के दौरान शहर का वातावरण श्रद्धा, आस्था और उल्लास से परिपूर्ण रहा। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि और सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
सांस्कृतिक विरासत पर विशेष बल
पड्डल मैदान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मेले हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि चाहे मंडी की शिवरात्रि हो, कुल्लू का दशहरा, चंबा का मिंजर या रामपुर की लवी—प्रदेश देवी-देवताओं की आस्था से ओत-प्रोत है। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि महोत्सव में उन्हें पहली बार आने का अवसर मिला और यह अनुभव अविस्मरणीय है। सदियों से चली आ रही लोक परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्द्धन यहां पीढ़ी दर पीढ़ी होता आया है।
युवाओं की भागीदारी बनी विशेष आकर्षण
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि लोक देवताओं के साथ युवाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति इस परंपरा की जीवंतता को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि हिमाचल की समृद्ध संस्कृति और लोक आस्था यूं ही अनवरत आगे बढ़ती रहेगी।
विकास और शिक्षा पर विचार
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोई भी देश अपनी संस्कृति के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। हिमाचल देश के अग्रणी राज्यों में से एक है और यहां के गांव अन्य राज्यों की तुलना में अधिक विकसित हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश वर्तमान में आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है, फिर भी गांवों का विकास स्तर सराहनीय है। शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल ने उल्लेखनीय प्रगति की है और केरल जैसे अग्रणी राज्य की बराबरी की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि गांवों की सशक्त तस्वीर को कमजोर करने का कोई प्रयास करेगा तो जागरूक जनता इसकी अनुमति नहीं देगी।
500वें वर्ष के उपलक्ष्य में विशेष कवर
कार्यक्रम के दौरान मंडी नगर की स्थापना के 500वें प्रवेश वर्ष के उपलक्ष्य में मेला आयोजन समिति के सहयोग से भारतीय डाक विभाग द्वारा तैयार विशेष कवर का अनावरण किया गया। उन्होंने कहा कि मंडी और चंबा का ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है। जहां मंडी नगर अपने 500वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, वहीं चंबा लगभग 1100 वर्षों से अपनी विरासत को संजोए हुए है।
प्रदर्शनियों का अवलोकन
कार्यक्रम के उपरांत विधानसभा अध्यक्ष ने पड्डल मैदान में लगाई गई विभिन्न विभागीय प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रभावी माध्यम है। इस अवसर पर विधायक चंद्रशेखर ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया। मेला समिति के अध्यक्ष एवं उपायुक्त Apoorv Devgan ने सभी का स्वागत किया और महोत्सव की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और गणमान्य उपस्थिति
कार्यक्रम में उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला की ओर से राजस्थान, उत्तराखंड और पंजाब के सांस्कृतिक दलों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, विभिन्न बोर्ड एवं निगमों के प्रतिनिधि, नगर निगम के पदाधिकारी, उपायुक्त मंडी, पुलिस अधीक्षक तथा सर्वदेवता समिति के सदस्य सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी–2026 में मध्य जलेब की भव्यता, 500वें वर्ष का ऐतिहासिक अवसर और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। यह महोत्सव न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत का जीवंत प्रतीक भी है।