शिमला में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता
अनुपम कश्यप ने कहा है कि जिला शिमला में घरेलू एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की किसी प्रकार की कमी नहीं है और इनकी आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराहट में आकर इन वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण न करें। उपायुक्त अनुपम कश्यप आज जिला के सभी उपमंडल दंडाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति में प्राथमिकता व्यवस्था
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए तेल विपणन कंपनियों द्वारा एलपीजी की आपूर्ति को लेकर कुछ एहतियाती कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को दी जा रही है। इस कारण अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से आपूर्ति में प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
मिट्टी तेल और कोयले का विकल्प
उपायुक्त ने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठान वैकल्पिक ईंधन के रूप में मिट्टी तेल और कोयले की मांग कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के जिला नियंत्रक कार्यालय में अपनी मांग दर्ज करवानी होगी। उन्होंने बताया कि मांग के अनुसार उन्हें मिट्टी तेल और कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
घरेलू गैस और ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। इसलिए आम जनता को किसी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।
अनावश्यक खरीद से बचने की अपील
उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों या घबराहट में आकर एलपीजी सिलेंडर या पेट्रोलियम उत्पादों की अनावश्यक खरीद और भंडारण न करें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से कृत्रिम कमी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और अन्य उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
25 दिन बाद ही गैस बुकिंग
उपायुक्त ने जानकारी दी कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार 25 दिनों के अंतराल के बाद ही की जा सकेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे निर्धारित समय के अनुसार ही गैस सिलेंडर की बुकिंग करें और प्रशासन का सहयोग करें।
प्रशासन कर रहा लगातार निगरानी
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहे। उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की।
एसडीएम को दिए गए निर्देश
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सभी उपमंडल दंडाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के साथ बैठक कर रोजाना स्थिति का जायजा लें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपयोग की जांच की जाए।
पेट्रोल पंपों पर स्टॉक की जांच
उपायुक्त ने कहा कि एसडीएम अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध स्टॉक और आरक्षित कोटा की नियमित जांच करें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को पेट्रोल या डीजल कैन में न दिया जाए, ताकि इन उत्पादों का अनावश्यक भंडारण रोका जा सके। उन्होंने एसडीएम को अपने क्षेत्रों में मिट्टी तेल की संभावित मांग का भी आकलन करने के निर्देश दिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस बैठक में उपमंडल दंडाधिकारी शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, उपमंडल दंडाधिकारी शिमला शहरी ओशिन शर्मा, जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग नरेंद्र धीमान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनीता ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जिले में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रहेगी और आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।