कुष्ठ रोग निवारण दिवस के अवसर पर आज उपायुक्त कार्यालय शिमला में उपायुक्त अनुपम कश्यप द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कुष्ठ रोग तथा कुष्ठ रोगियों के प्रति भेदभाव समाप्त करने की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला शिमला डॉ. यशपाल रान्टा ने जानकारी देते हुए बताया कि इसी कड़ी में गवर्नमेंट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, चौड़ा मैदान में जिला स्तरीय कुष्ठ रोग निवारण दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग निवारण दिवस प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मनाया जाता है। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “कुष्ठ रोग साध्य है, असली चुनौती सामाजिक कलंक” रही। कार्यक्रम के दौरान भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा विजेताओं और प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
डॉ. यशपाल रान्टा ने बताया कि कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री जीवाणु से होने वाली एक दीर्घकालिक संक्रामक बीमारी है, जिसका धर्म, पाप या ईश्वर के दंड से कोई संबंध नहीं है। इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं, जिनमें त्वचा पर धब्बे, हाथ-पैरों में सुन्नता तथा मांसपेशियों में कमजोरी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से उपचार योग्य है तथा इसकी सभी दवाइयां सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध हैं। समय पर पहचान और उपचार से रोगी को विकलांगता से बचाया जा सकता है।
इस अवसर पर संस्थान के लगभग 250 विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को कुष्ठ रोग और रोगियों के प्रति भेदभाव समाप्त करने की शपथ भी दिलाई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आमजन से अपील की कि वे कुष्ठ रोग के लक्षणों के प्रति जागरूक रहें तथा रोगियों के प्रति सहानुभूति रखते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें।
