मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी के मार्गदर्शन में आईटीआई हमीरपुर में कुष्ठ रोग पर आधारित एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के बीच भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने कुष्ठ रोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां अपनी-अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से साझा कीं। प्रतियोगिता में पलक ने प्रथम, अभिषेक ने द्वितीय तथा मोनिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक तिलक राज ने बताया कि कुष्ठ रोग एक धीमी गति से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है, जिसके लक्षण प्रकट होने में चार से छह वर्ष तक का समय लग सकता है। इसके प्रारंभिक लक्षणों में त्वचा पर सफेद, लाल या तांबे रंग के दाग, सुन्नपन, हाथों की पकड़ कमजोर होना, घावों का लंबे समय तक ठीक न होना तथा नसों का मोटा होना शामिल है।
स्वास्थ्य विभाग की बीसीसी समन्वयक सुलोचना ने कहा कि कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और उपचार से पूर्ण रूप से इलाज संभव है। मल्टी ड्रग ट्रीटमेंट (एमडीटी) के नियमित सेवन से न केवल रोग से मुक्ति मिलती है बल्कि इससे होने वाली अपंगता से भी बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि एमडीटी दवाइयां सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से कृष्ण कुमार भी उपस्थित रहे। संस्थान के प्रधानाचार्य सुभाष चंद शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा विद्यार्थियों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में संस्थान के सभी कर्मचारी भी मौजूद रहे।
