केंद्रीय विद्यालय संगठन के अंतर्गत स्थापित हो रहे केंद्रीय विद्यालय कोटखाई में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 8 अप्रैल से शुरू होकर 20 अप्रैल तक चलेगी। यह जानकारी मंगलवार को विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. शिवानी द्वारा ज्वाइनिंग के दौरान दी गई, जब उन्होंने अनुपम कश्यप से मुलाकात की।
उपायुक्त ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले 10 दिनों में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी और मई माह के पहले सप्ताह से विद्यालय में कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी।
📚 प्रारंभ में कक्षा 1 से 5 तक ही पढ़ाई
उन्होंने बताया कि फिलहाल विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक ही कक्षाएं संचालित की जाएंगी। कक्षा पहली में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 6 वर्ष निर्धारित की गई है।
विद्यालय में फिलहाल तीन पीआरटी शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है और प्रधानाचार्य भी कार्यभार संभाल चुकी हैं। प्रशासन का कहना है कि कक्षाएं शुरू होने तक आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति भी पूरी कर ली जाएगी।
📝 ऑफलाइन माध्यम से होगा पंजीकरण
प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। पंजीकरण 8 अप्रैल से शुरू होकर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा।
यह प्रक्रिया कन्या छात्र विद्यालय कोटखाई में आयोजित होगी, जहां अभिभावकों को निर्धारित समय पर पहुंचकर अपने बच्चों का पंजीकरण करवाना होगा।
📄 जरूरी दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य
प्रशासन की ओर से अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर उपस्थित हों।
आवश्यक दस्तावेजों में शामिल हैं—
- जन्म प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- अन्य जरूरी कागजात
इन दस्तावेजों के बिना पंजीकरण प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है।
🎓 क्षेत्र के छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय के शुरू होने से कोटखाई और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि पहले अभिभावकों को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए दूर-दराज क्षेत्रों में भेजना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस विद्यालय के खुलने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
👶 बाल वाटिका अभी नहीं होगी शुरू
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फिलहाल विद्यालय में बाल वाटिका (प्री-प्राइमरी) कक्षाएं शुरू नहीं की जाएंगी। इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं भविष्य में पूरी की जाएंगी।