हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने ऊना में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र पाठशाला ऊना में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट की सलामी ली। समारोह में विकास योजनाओं की झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत हुए।
स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सैनिकों को नमन
अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के शुरुआती वर्षों में देश की आर्थिक और बुनियादी स्थिति कमजोर थी, लेकिन योजनाबद्ध विकास से देश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और रक्षा में उल्लेखनीय प्रगति की।
अनाथ बच्चों के लिए हिमाचल का ऐतिहासिक कदम
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल देश का पहला राज्य बना है जिसने कानून बनाकर 6,000 अनाथ बच्चों को सरकारी संरक्षण दिया है। 27 वर्ष की आयु तक उनकी पढ़ाई, पालन-पोषण और मकान के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा रही है।
विकास और बुनियादी सुविधाओं में सुधार
श्री पठानिया ने कहा कि हिमाचल में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और औद्योगिक ढांचे का मजबूत नेटवर्क विकसित हुआ है। वर्तमान सरकार इन क्षेत्रों में निरंतर सुधार कर रही है।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के प्रयास
उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में आई आपदाओं से निपटने के लिए सरकार ने 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया, जिससे मुआवजा राशि सात गुना तक बढ़ाई गई। इस वर्ष की त्रासदी में अब तक 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है।
सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर बल
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विकास नीतियां ऐसी हों जिससे पर्यावरण और अधोसंरचना को न्यूनतम नुकसान हो।
युवाओं के सशक्तिकरण पर जोर
उन्होंने कहा कि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर युवाओं के लिए प्रगति की कुंजी हैं।
प्रेरणादायी हस्तियों और कर्मवीरों को सम्मान
समारोह में समाजसेवियों, पर्यावरण संरक्षण, आपदा राहत, नशा निवारण और पशु सेवा में योगदान देने वालों सहित विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। पुलिस, होमगार्ड, फायर सर्विस और एनसीसी/एनएसएस कैडेट्स को भी पुरस्कृत किया गया।