कोठी स्कूल समारोह में मंत्री धर्माणी का प्रेरक संबोधन

rakesh nandan

29/11/2025

नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हर बच्चे में एक विशिष्ट क्षमता होती है, जिसे पहचानकर निखारने की आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे किसी की नकल करने के बजाय अपने भीतर की शक्ति, रुचि और क्षमताओं को पहचानते हुए ‘I am the Best’ के आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
वे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी में आयोजित क्लस्टर स्तरीय वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

कार्यक्रम में कोठी क्लस्टर के 10 विद्यालयों—कोठी, तियूण खास, दाबला, मेहरान, नैण, सिल्ह, राव पन्याला तथा अन्य प्राथमिक विद्यालयों—के लगभग 800 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

मंत्री धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और बच्चों का मजबूत भविष्य ही समाज तथा प्रदेश की प्रगति की नींव है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर हिमाचल का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब समाज का हर व्यक्ति आत्मनिर्भर बने। 11 दिसंबर को मंडी में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य विषय भी इसी संकल्प पर आधारित है।

उन्होंने बच्चों को समस्याओं से घबराने के बजाय समाधान खोजने की मानसिकता विकसित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने, कौशल अर्जित करने और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों के प्रथम गुरु हैं और उनके सहयोग से ही बच्चे जीवन में बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालने और उनकी रुचि व क्षमता के अनुरूप अवसर प्रदान करने का आग्रह किया।

मंत्री धर्माणी ने शिक्षकों से कहा कि उनका दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं है, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने विषयों को बच्चों के दैनिक जीवन से जोड़कर पढ़ाने और व्यावहारिक उदाहरणों से समझाने पर बल दिया ताकि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित न रहे।

उन्होंने कहा कि समाज में लड़का–लड़की के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी को समान अवसर मिलना चाहिए। आपसी भाईचारा, सहयोग और सकारात्मक सोच ही आत्मनिर्भर हिमाचल की आधारशिला है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इससे पहले प्रधानाचार्य राकेश शर्मा और क्लस्टर स्कूलों के अन्य प्रधानाचार्यों ने विद्यालय की वार्षिक गतिविधियों की जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम में पद्मश्री हरिमन शर्मा, बीएमओ डॉ. अनुपमा शर्मा, बीडीसी सदस्य रवि कौशल, पूर्व प्रधान अनीता धीमान, विभिन्न स्कूलों के एसएमसी पदाधिकारी और अभिभावक उपस्थित रहे।


10वीं व 12वीं कक्षा में टॉपर्स को 10–10 हजार का पुरस्कार

विशेष अतिथि पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के.डी. लखनपाल ने घोषणा की कि कोठी स्कूल की 12वीं और 10वीं कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः उनके स्वर्गीय पिता शिवराम और माता बांटी देवी की स्मृति में ₹10,000–₹10,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह परंपरा हर वर्ष जारी रहेगी।