किन्नौर: महिला दिवस व किसान मेले में नेगी

rakesh nandan

11/03/2023

रिकांग पिओ में महिला दिवस और किसान मेला

Jagat Singh Negi, राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री ने किन्नौर जिला के रिकांग पिओ स्थित बचत भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं किसान मेला के संयुक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि किन्नौर की महिलाओं का जिला विकास में महत्वपूर्ण योगदान है—चाहे वह सेब उत्पादन के माध्यम से आर्थिकी सुदृढ़ करना हो या बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, किसान और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


महिलाओं की भूमिका और सशक्तिकरण

मंत्री ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिला की उपायुक्त Torul S Ravish इसका सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि कल्पा में वन स्टॉप सेंटर क्रियाशील है, जहां महिलाओं को चिकित्सा और कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। महिलाओं के स्वयं सहायता समूह और महिला मंडल प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण देने और आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।


बागवानी और नई किस्मों पर जोर

बागवानी मंत्री ने कहा कि समय के साथ जिले के कई बागीचे पुराने हो चुके हैं, जिससे उत्पादन में कमी आई है। बेहतर पैदावार के लिए नई किस्म के पौधे लगाने होंगे। उन्होंने बताया कि नई किस्म के लगभग 300 पौधे प्रति बीघा भूमि में रोपे जा सकते हैं, जिससे उत्पादन और आय में वृद्धि संभव है। अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को अंतर-फसल (इंटरक्रॉपिंग) अपनाने की भी सलाह दी गई।


आदर्श गांव और विकास योजनाएं

मंत्री ने कहा कि किन्नौर के प्रत्येक गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके तहत हर गांव में सीवरेज प्रणाली विकसित करने की दिशा में कार्य होगा। एफआरए (Forest Rights Act) के संबंध में जागरूकता शिविर खंड और तहसील स्तर पर आयोजित किए जाएंगे, जिसके लिए 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह सहायता और जनता को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की बात भी कही गई।


छात्राओं और समूहों का सम्मान

कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया।

  • बारहवीं कक्षा की छात्राओं को ₹5,000 प्रति छात्रा प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई।

  • नाट्य और लोक नृत्य प्रस्तुतियों के लिए चयनित समूहों को ₹4,000 प्रति समूह प्रदान किए जाएंगे।

  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के एक समूह को ₹1,100 की राशि दी जाएगी।


किसानों को बीज वितरण

किसान मेले के दौरान जिले के लगभग 400 किसानों को कोदा और मटर के बीज वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 70 से अधिक पात्र लाभार्थियों को स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत गृह अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।


सीधा संवाद और प्रदर्शनी निरीक्षण

मंत्री ने बालिकाओं, महिलाओं और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित कृषि प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी योजनाओं की जानकारी साझा की।


निष्कर्ष

रिकांग पिओ में आयोजित महिला दिवस एवं किसान मेला महिलाओं के सशक्तिकरण और कृषि विकास का संयुक्त मंच बना। 300 पौधे प्रति बीघा, ₹5,000 छात्रा प्रोत्साहन, 400 किसानों को बीज, और 70+ लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र जैसे ठोस आंकड़े कार्यक्रम की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं। यह आयोजन किन्नौर में महिला सशक्तिकरण, कृषि नवाचार और समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

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