जनजातीय जिला किन्नौर में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में रिकांग पिओ स्थित उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की। बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं को कम करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अभिभावकों से की अपील
उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने जिले के सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने की अनुमति न दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो संबंधित अभिभावकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है।
दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा कैशलैस उपचार
उपायुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलैस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सुविधा प्रदान करना और उनकी जान बचाना है।
राह वीर योजना के बारे में दी जानकारी
बैठक के दौरान उपायुक्त ने राह वीर योजना के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को सरकार की ओर से 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। इसके अलावा इस योजना के तहत:
एक व्यक्ति वर्ष में 5 बार तक पुरस्कार प्राप्त कर सकता है।
10 चयनित राह-वीरों को 1 लाख रुपये तक की अतिरिक्त राशि भी प्रदान की जाएगी।
पुरस्कार की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के निर्देश
उपायुक्त ने बैठक के दौरान पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में दुर्घटना संभावित स्थानों यानी ब्लैक स्पॉट की पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर क्रैश बैरियर और अन्य सुरक्षा उपाय स्थापित किए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
कई विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे और सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
बैठक में
सुशील कुमार शर्मा
डॉ. राकेश नेगी
राष्ट्रीय राजमार्ग के सहायक अभियंता उमेश लारजू
उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा डॉ. कुलदीप सिंह डोगरा
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. अरुण कुमार गौतम
सहित सीमा सड़क संगठन और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सड़क सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
बैठक के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस, विभागों और आम नागरिकों को मिलकर प्रयास करना होगा। यातायात नियमों का पालन, सुरक्षित ड्राइविंग और समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाना सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।