किन्नौर में PNDT बैठक, लिंगानुपात सुधार पर जोर

rakesh nandan

18/03/2026

जिला किन्नौर में लिंगानुपात सुधार और कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश नेगी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित हुई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सा विशेषज्ञों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य पीएनडीटी अधिनियम 1994 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और समाज में लिंग जांच तथा कन्या भ्रूण हत्या के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

डॉ. राकेश नेगी ने पंचायत जनप्रतिनिधियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है।

उन्होंने कहा कि यदि समाज में इस विषय पर जागरूकता बढ़ाई जाए, तो किन्नौर जैसे जनजातीय जिलों में लिंगानुपात में सकारात्मक सुधार संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है और समय-समय पर निगरानी भी की जा रही है।

इस अवसर पर डॉ. स्वाति नेगी ने सरोगेसी अधिनियम 2023 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत सरोगेसी से जुड़े कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना और इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को इस कानून की बारीकियों से अवगत कराया।

बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रही विकासात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी दी कि क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत से एक आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने बताया कि इस ब्लॉक में सभी आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। यह पहल जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

डॉ. नेगी ने इस परियोजना के लिए सहयोग देने पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सहयोग से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने में काफी मदद मिलती है।

बैठक में जिला न्यायवादी एल.एम. शर्मा, विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि लिंगानुपात सुधार और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि स्कूल स्तर से ही बच्चों को जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी इस सामाजिक बुराई के प्रति संवेदनशील बन सके। इसके अलावा, पंचायत स्तर पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की भी आवश्यकता जताई गई।

यह बैठक किन्नौर जिले में सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यदि प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करें, तो कन्या भ्रूण हत्या जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

अंत में, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।