जिला किन्नौर में नशा मुक्त भारत अभियान को प्रभावी बनाने के लिए उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और जिले में बढ़ते मादक पदार्थों के सेवन को लेकर गंभीर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने विशेष रूप से युवा वर्ग में बढ़ते नशे के प्रचलन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है और इसे रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करना होगा।
उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय को मजबूत करें और जागरूकता अभियानों को व्यापक स्तर पर चलाएं। उन्होंने कहा कि लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में सही जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे इसके प्रति सचेत हो सकें।
उपायुक्त ने पुलिस विभाग को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि “चिट्टा” जैसे घातक नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों पर सख्ती से अंकुश लगाना आवश्यक है, ताकि युवाओं को इस जाल में फंसने से बचाया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने नशे की लत से ग्रस्त युवाओं के पुनर्वास और परामर्श की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ना जरूरी है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर हों।
पुलिस अधीक्षक किन्नौर सुशील कुमार शर्मा ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस विभाग “चिट्टा मुक्त किन्नौर” अभियान के तहत लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इन अभियानों के माध्यम से युवाओं और उनके अभिभावकों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि वे समय रहते सतर्क हो सकें और अपने बच्चों को इस बुरी आदत से दूर रख सकें।
उपायुक्त ने जिले के प्रबुद्ध नागरिकों, अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में नशे के कारोबार या सेवन से जुड़ी कोई जानकारी मिले, तो उसे तुरंत पुलिस के साथ साझा किया जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि समाज की भागीदारी के बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसलिए सभी वर्गों को मिलकर नशा मुक्त किन्नौर के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रयास करना होगा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश नेगी, उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा डॉ. कुलदीप सिंह डोगरा, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. अरुण कुमार गौतम, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य कुलदीप सिंह नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
यह बैठक नशा मुक्त अभियान को नई दिशा देने और इसे अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यदि सभी विभाग और समाज मिलकर इस दिशा में कार्य करते हैं, तो किन्नौर को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य जल्द ही हासिल किया जा सकता है।