वर्तमान प्रदेश सरकार के व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प को साकार करने की दिशा में आज जनजातीय जिला किन्नौर के रिकांग पिओ में सर्किट कोर्ट को पुनः आरंभ किया गया।
इस पहल के तहत उपायुक्त कार्यालय रिकांग पिओ में बंदोबस्त अधिकारी शिमला मंडल श्रीमती कुमुद सिंह ने बंदोबस्त से संबंधित मामलों की सुनवाई की।
कुल 14 बंदोबस्त मामलों में से 10 मामलों का मौके पर ही निपटान किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को त्वरित राहत मिली।
लोगों को घर-द्वार पर न्याय सुविधा
श्रीमती कुमुद सिंह ने बताया कि सर्किट कोर्ट की पुनः शुरुआत से किन्नौर जिला के लोगों को बंदोबस्त सुधार एवं निपटान के लिए अब शिमला नहीं जाना पड़ेगा।
यह सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
सरकार का उद्देश्य—तेज़, पारदर्शी एवं सुगम प्रशासन
व्यवस्था परिवर्तन के तहत यह कदम उन क्षेत्रों के लिए विशेष महत्व रखता है जहाँ भौगोलिक परिस्थितियाँ कठिन हैं और लोगों को बेसिक प्रशासनिक सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
इस सत्र के दौरान ई.डी.ए मीना भारती, कानूनगो जगदीश सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।