खजूरना पुल पर कांग्रेस-भाजपा में श्रेय की होड़

rakesh nandan

30/03/2026

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में कालाअंब–पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग पर मारकंडा नदी पर बन रहे खजूरना पुल को लेकर सियासत तेज हो गई है। पुल निर्माण लगभग पूरा होने के साथ ही अब कांग्रेस और भाजपा के बीच इसे लेकर श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई है।

इस पुल को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना माना जा रहा है, जो कालाअंब और पांवटा साहिब के बीच यातायात को सुगम बनाएगा। लंबे समय से इस मार्ग पर पुल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, क्योंकि बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से आवाजाही प्रभावित होती थी।

भाजपा की ओर से Rajeev Bindal ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि खजूरना पुल का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि यह पुल पूर्व की भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत किया गया था और इसके निर्माण के लिए केंद्र की Government of India द्वारा धन उपलब्ध करवाया गया।

डॉ. बिंदल ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह पुल क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार, विशेष रूप से प्रधानमंत्री के नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि इस तरह की परियोजनाएं प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं।

वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से भी इस परियोजना को लेकर अपनी भूमिका का दावा किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विकास कार्य निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं और किसी एक सरकार को इसका पूरा श्रेय नहीं दिया जा सकता। हालांकि इस संबंध में कांग्रेस की ओर से आधिकारिक बयान सामने आना अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक स्तर पर बयानबाजी तेज हो गई है।

स्थानीय लोगों के लिए यह पुल बेहद महत्वपूर्ण है। खजूरना क्षेत्र में मारकंडा नदी पर पुल बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह मार्ग औद्योगिक और व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं।

पुल के निर्माण से विशेष रूप से बरसात के मौसम में आने वाली समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। पहले जहां जलस्तर बढ़ने पर लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ता था, वहीं अब इस पुल के चालू होने से सीधी और सुरक्षित आवाजाही संभव हो सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास को गति देने में सहायक होती हैं। बेहतर सड़क और पुल कनेक्टिविटी से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि परिवहन लागत भी कम होती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलता है।

हालांकि, पुल निर्माण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच श्रेय लेने की होड़ नई नहीं है। अक्सर बड़े विकास कार्यों को लेकर सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच इस प्रकार की बहस देखने को मिलती है। लेकिन आम जनता की नजर में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परियोजना समय पर पूरी हो और उसका लाभ लोगों तक पहुंचे।

कुल मिलाकर, खजूरना पुल का निर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ ही यह राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है। अब देखना होगा कि पुल के उद्घाटन के समय यह श्रेय किसके खाते में जाता है, हालांकि जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण इसकी उपयोगिता और सुविधा है।