ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज कसुंपटी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुफरी–शवाह, मूलकोटी और मशोबरा में 1.60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सात संपर्क सड़कों का शिलान्यास किया।
शवाह–चौकी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कें किसी भी पंचायत के विकास की आधार रेखा हैं और प्रदेश सरकार हर गांव तक सड़क सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सड़क विकास कार्यों की प्रमुख घोषणाएँ
हिमरी–चौकी सड़क: 10 लाख रुपये से चौड़ी व पक्की, टेंडर पूर्ण, मानसून से पहले कार्य पूरा होगा।
कंडा–मूलकोटी वाया मझारी, शुहावल–दराबला, क्रेगनेनो–सधोड़ा वाया शरई, घोड़ना–कंडा, शुइला–मटेन, फरीदकोट–घड़शी सहित कई सड़कों का शिलान्यास।
सभी सड़कों के चौड़ीकरण व पक्के निर्माण के लिए ग्रामीणों से गिफ्ट डीड जल्द उपलब्ध कराने का आग्रह।
1.25 करोड़ की नैड खड्ड–हिमरी उठाऊ पेयजल योजना
उन्होंने बताया कि कुफरी पंचायत में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1.25 करोड़ रुपये से उठाऊ पेयजल योजना का निर्माण प्रस्तावित है।
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इस पंचायत के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाएँ भी स्वीकृत की गई हैं।
मनरेगा में बड़ा बदलाव: अब प्रति जॉब कार्ड 2 लाख रुपये
आपदा प्रभावित कार्यों के लिए मनरेगा में राशि सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख प्रति जॉब कार्ड कर दी गई है।
इसके साथ ही कार्य दिवस भी 100 से बढ़ाकर 150 किए गए हैं।
5 लाख रुपये से निर्मित महिला मंडल भवन का उद्घाटन
शवाह–चौकी में 5 लाख रुपये से बने नए महिला मंडल भवन का उद्घाटन किया गया।
मंत्री ने कहा कि महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण के लिए आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
कनोला–गुम्मा सड़क पर 6 करोड़ रुपये खर्च
कनोला से गुम्मा सड़क निर्माण पर 6 करोड़ रुपये व्यय होंगे
टेंडर प्रक्रिया मार्च 2026 तक पूर्ण होगी
मुल्कोटी पंचायत भवन के अतिरिक्त कार्य हेतु 25 लाख रुपये स्वीकृत
खेल मैदान व स्वास्थ्य सुविधाएँ
मुल्कोटी व कनोला के पास खेल मैदान के लिए भूमि चयन का आग्रह
मुल्कोटी और सराय के स्वास्थ्य संस्थानों की फेंसिंग हेतु बजट उपलब्ध करवाया जाएगा
कम वोल्टेज समस्या समाधान के लिए 63 केवी ट्रांसफॉर्मर मार्च 2026 से पहले लगाए जाएंगे
कुफरी, मूलकोटी और मशोबरा में पंचायत सामुदायिक केन्द्र भवन
उन्होंने तीनों पंचायत क्षेत्रों में 1.14 करोड़ रुपये प्रति भवन की लागत से पंचायत सामुदायिक केन्द्र बनाने की घोषणा की।