भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने मंगलवार को समरहिल में सेवी संस्थान द्वारा आयोजित फुटबॉल खेलकूद-प्रतियोगिता में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को नशे के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “आओ हिमाचल में नशे के खिलाफ एक बड़ी जंग का संकल्प लेते हैं, नशे और चिट्टे को हम खेल के माध्यम से हराएंगे।”
कर्ण नंदा ने कहा कि नशा आज युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। यह केवल शारीरिक हानि ही नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक विनाश का भी कारण है। इसलिए समाज के हर वर्ग को मिलकर चिट्टे जैसे खतरनाक नशे को खत्म करने की मुहिम में आगे आना होगा।
खेल—नशे का सबसे मजबूत विकल्प
उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को जीवन से जोड़ते हैं और उनमें धैर्य, जिम्मेदारी, टीम भावना, नेतृत्व व स्वस्थ जीवन शैली का विकास करते हैं। खेलकूद युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।
फ़ुटबॉल विश्व का सबसे लोकप्रिय खेल
कर्ण नंदा ने बताया कि फुटबॉल दुनिया का सबसे पसंदीदा खेल है, जिसे सॉकर भी कहा जाता है।
25 करोड़ खिलाड़ी
150+ देशों में लोकप्रियता
इसी कारण इसे विश्व का सबसे लोकप्रिय खेल माना जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को फिटनेस, आत्मविश्वास और अनुशासन की ओर प्रेरित करती हैं।
युवा कल्याण और खेल अवसंरचना की आवश्यकता
नंदा ने कहा कि
खेल मानसिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ते हैं और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि शिमला और पूरे प्रदेश में फुटबॉल और अन्य खेलों के आयोजन के लिए मजबूत खेल अवसंरचना और बड़े मैदानों की आवश्यकता है। यह आज के युवाओं की प्रमुख मांग है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
एंटी-डोपिंग और स्वच्छ खेल की वकालत
कर्ण नंदा ने खेलों में पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि स्वच्छ खेल संस्कृति विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने एंटी डोपिंग के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने का सुझाव देते हुए ‘खेलो इंडिया’ के सहयोग से एक बड़े स्तर का अभियान शुरू करने की आवश्यकता बताई।