भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित आक्रोश रैली पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हाल ही में हुए चुनावों में देशवासियों ने कांग्रेस के “वोट चोर” अभियान को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में कांग्रेस का केवल 6 सीटों पर सिमटना इस बात का संकेत है कि पार्टी का जनाधार तेजी से खत्म होता जा रहा है।
कर्ण नंदा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर इसी तरह कांग्रेस की लोकप्रियता गिरती रही, तो जल्द ही देश के राजनीतिक नक्शे से कांग्रेस का नामोनिशान मिट जाएगा।
1975 के आपातकाल को बताया लोकतांत्रिक अधिकारों की सबसे बड़ी चोरी
कर्ण नंदा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि यदि चोरी और लोकतांत्रिक मूल्यों की बात की जाए, तो 1975 का आपातकाल भारतीय इतिहास में नागरिक अधिकारों की सबसे बड़ी चोरी का उदाहरण रहा है, जिसे जनता कभी नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कई ऐसे फैसले लिए जिनसे देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी।
डिवाइड एंड रूल की राजनीति का आरोप
उन्होंने कांग्रेस पर जाति, समुदाय और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाया। नंदा ने कहा कि कांग्रेस आज भी अंग्रेजों की “डिवाइड एंड रूल” नीति पर चल रही है, और ऐसे में कांग्रेस नेताओं का देश को नसीहत देना हास्यास्पद है।
भाजपा नेताओं पर लगाए गए आरोपों को बताया झूठा
कर्ण नंदा ने कांग्रेस नेताओं द्वारा भाजपा नेताओं पर लगाए गए दोगले वोटर के आरोपों को पूर्णतः निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति झूठ पर आधारित है, और यदि झूठ बोलने की ओलंपिक प्रतियोगिता होती, तो कांग्रेस नेता निश्चित रूप से स्वर्ण पदक जीतते।
राज्यपाल पर टिप्पणियों की निंदा
कर्ण नंदा ने कांग्रेस द्वारा हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि—
राज्यपाल एक संवैधानिक पद है
उन पर राजनीतिक आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है
कांग्रेस को अपने इस व्यवहार के लिए जनता से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए