गुरुद्वारा साहिब बस स्टैंड में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर में गुरु तेग बहादुर जी का व्यक्तित्व सदियों से अमर, अडिग और प्रेरणास्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी मानवता के सच्चे रक्षक, अत्याचार के विरुद्ध साहस के प्रतीक और धार्मिक स्वतंत्रता के सर्वोच्च संरक्षक के रूप में स्मरण किए जाते हैं। उनका बलिदान किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए था।
त्याग, साहस और करुणा से भरा जीवन—कर्ण नंदा ने याद किए गुरु जी के आदर्श
कर्ण नंदा ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी के जीवन की नींव त्याग, करुणा, निर्भयता और मानवता पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि कश्मीर के पंडितों को मुगल अत्याचारों से बचाने के लिए गुरु जी ने अपने प्राणों का त्याग किया और औरंगजेब के दरबार में धर्म परिवर्तन से इनकार कर इतिहास में अमिट साहस का उदाहरण स्थापित किया। कर्ण नंदा ने गुरु जी के साथ शहीद हुए भाई दयाला जी, भाई सती दास जी और भाई मती दास जी की अद्वितीय शहादत को भी मानवता और धर्म की रक्षा के सुनहरे अध्याय के रूप में याद किया।
भाई जैता जी, कुशाल सिंह दहिया और लक्खी शाह वंजारे के योगदान का उल्लेख
कर्ण नंदा ने कहा कि गुरु जी के पावन शीश को सुरक्षित आनंदपुर साहिब पहुँचाने में भाई जैता जी, भाई कुशाल सिंह दहिया और लक्खी शाह वंजारे का योगदान इतिहास में अमर है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल साहस और निष्ठा का प्रतीक है, बल्कि मुगलिया शासन के पतन की पृष्ठभूमि भी बनी।
हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों को बताया ऐतिहासिक
उन्होंने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी की स्मृति में हरियाणा सरकार द्वारा कई बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कुरुक्षेत्र में आयोजित शहादत समागम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक महत्व प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से लाखों श्रद्धालु शोभायात्राओं में शामिल होकर गुरु जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।
गुरु तेग बहादुर जी की स्मृति में बनने वाले संस्थान और स्मारक
कर्ण नंदा ने कहा कि प्रदेश में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर कई संस्थान और स्मारक बनाए जा रहे हैं, जिनमें—
गुरु तेग बहादुर चेयर
जीटीबी कृषि महाविद्यालय
गुरु तेग बहादुर वन
विभिन्न कॉलेजों और मार्गों का नामकरण
उन्होंने कहा कि ये सभी पहलें आने वाली पीढ़ियों को गुरु जी के त्याग और विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगी।
“प्रकाश की चादर थे गुरु तेग बहादुर”—कर्ण नंदा
कर्ण नंदा ने कहा कि गुरु जी की वाणी आज भी उतनी ही प्रेरक है जितनी तीन सदियों पहले थी। उन्होंने कवि सेनापति का प्रसिद्ध वर्णन उद्धृत किया—“प्रगट भयो गुरु तेग बहादर, सकल सृष्ट पै ढापी चादर।”उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का अद्भुत जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को मानवता, भाईचारे और धर्म की रक्षा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।