1905 के ऐतिहासिक 1905 Kangra Earthquake की 121वीं वर्षगांठ के अवसर पर गौतम कॉलेज में एक प्रभावशाली शेक-आउट (Shakeout) ड्रिल का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों को भूकंप जैसी आपदाओं के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना था।
कार्यक्रम में “युवा आपदा मित्र” के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न आपदा प्रबंधन गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान पूरे परिसर में अनुशासित और व्यवस्थित तरीके से ड्रिल का संचालन किया गया, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव हो सके।
🚨 मॉक ड्रिल के जरिए व्यावहारिक प्रशिक्षण
ड्रिल के दौरान कई प्रकार की मॉक एक्सरसाइज करवाई गईं, जिनमें भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों का प्रदर्शन किया गया। छात्रों को “ड्रॉप, कवर और होल्ड” जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का अभ्यास करवाया गया, जो भूकंप के समय जान बचाने में अत्यंत उपयोगी होती हैं।
इसके अतिरिक्त, छात्रों को सुरक्षित निकासी (Evacuation) की प्रक्रिया, प्राथमिक उपचार (First Aid) और आपातकालीन प्रतिक्रिया (Emergency Response) की भी जानकारी दी गई। टीमवर्क के महत्व को समझाते हुए उन्हें समूह में मिलकर राहत एवं बचाव कार्य करने की ट्रेनिंग दी गई।
🎓 छात्रों को दी गई जरूरी सीख
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को यह सिखाया गया कि आपदा के समय घबराने के बजाय शांत रहकर सही निर्णय लेना कितना महत्वपूर्ण है। उन्हें बताया गया कि समय पर लिया गया सही कदम जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम कर सकता है।
इस प्रकार की ड्रिल से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे किसी भी आपात स्थिति में बेहतर ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार होते हैं।
🗣️ प्रबंधन का संदेश
इस अवसर पर गौतम कॉलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर Jagdish Gautam ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा वर्ग को आपदा के समय घबराने की बजाय समझदारी और साहस से काम लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के समय में आपदा प्रबंधन की जानकारी हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है, खासकर युवाओं के लिए, क्योंकि वही समाज का भविष्य हैं। उन्होंने छात्रों को जागरूक, सतर्क और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
👩🏫 स्टाफ और प्रशासन की सहभागिता
इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्रिंसिपल, “युवा आपदा मित्र” के कोऑर्डिनेटर्स तथा अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस ड्रिल को सफल बनाने में योगदान दिया।
कॉलेज प्रशासन ने इस प्रकार के आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि छात्रों में आपदा के प्रति सतर्कता और तैयारी बनी रहे।
🎯 जागरूकता और तैयारी का संदेश
इस शेकआउट ड्रिल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आपदा के प्रति जागरूक करना और उन्हें व्यवहारिक रूप से तैयार करना था।
ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों को सुरक्षित रहने के उपाय सिखाते हैं, बल्कि समाज में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।