भाजपा सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में चुनावी सुधारों पर अपने प्रभावशाली उद्बोधन के दौरान विपक्ष पर अव्यवस्था, अराजकता और दोहरे चरित्र का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक नए सांसद के रूप में उनका पहला वर्ष विपक्ष के व्यवहार के कारण मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। कंगना ने कहा कि विपक्ष ने पूरे वर्ष सदन को सुचारू रूप से चलने नहीं दिया और नारेबाजी, हंगामे तथा धक्कामुक्की से लोकतांत्रिक परंपराओं को आहत किया। राहुल गांधी के हालिया भाषण पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उसमें न तथ्य थे और न दिशा—केवल भ्रम और विदेशी एजेंडा दिखाई दिया। उन्होंने संसद में एक विदेशी महिला का चित्र प्रदर्शित करने पर भी कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह महिला सम्मान पर आघात है।
कंगना रनौत ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के सम्मान पर उपदेश देती है, लेकिन वास्तविक सशक्तिकरण प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं—उज्ज्वला, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, छात्रवृत्ति और आत्मनिर्भरता कार्यक्रमों से हुआ है। उन्होंने इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण केस का उल्लेख करते हुए कहा कि बैलेट पेपर के दौर में ही सबसे बड़ा चुनावी घोटाला हुआ था और आज वही कांग्रेस ईवीएम पर सवाल उठाकर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।
कंगना ने बताया कि बिहार में SIR के तहत 60 लाख फर्जी मतदाता हटाए गए और 21 लाख नए वास्तविक मतदाता जुड़े, जिससे रिकॉर्ड मतदान हुआ। उन्होंने “वन नेशन–वन इलेक्शन” को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे देश के संसाधन, समय और खर्च की बड़ी बचत होगी। कंगना ने कहा कि भाजपा केवल सत्ता की राजनीति नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध राजनीति करती है, जबकि विपक्ष भ्रम फैलाकर लोकतंत्र को कमजोर करने में लगा है।