कमला नेहरू अस्पताल शिफ्टिंग पर भाजपा का हमला

rakesh nandan

11/04/2026

हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। संदीपनी भारद्वाज ने कमला नेहरू अस्पताल को कथित रूप से आईजीएमसी में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए इसे “व्यवस्था परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था विनाश” करार दिया है।


🏥 “100 साल पुराना संस्थान खतरे में”

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल पिछले लगभग 100 वर्षों से प्रदेश की माताओं और नवजात शिशुओं के लिए जीवनरेखा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की नीतियों के चलते इस महत्वपूर्ण संस्थान का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि “जिस अस्पताल को विभिन्न सरकारों ने वर्षों में मजबूत किया, उसे अब ‘साइलेंट शिफ्टिंग’ के नाम पर खत्म किया जा रहा है।”


⚠️ बिना आदेश के शिफ्टिंग का आरोप

भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि अस्पताल को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया बिना किसी आधिकारिक अधिसूचना के आगे बढ़ाई जा रही है।

उनके अनुसार:

  • 16 अप्रैल से शिफ्टिंग के मौखिक निर्देश दिए जा रहे हैं
  • लेकिन कोई लिखित आदेश या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया

उन्होंने इसे प्रशासनिक मनमानी करार दिया।


👩‍⚕️ स्टाफ भी विरोध में

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि डॉक्टरों, नर्सों और अन्य मेडिकल स्टाफ ने भी इस निर्णय का विरोध किया है। इसके बावजूद सरकार इस फैसले को लागू करने पर अड़ी हुई है, जो चिंताजनक है।


🚨 “IGMC पहले ही भरा हुआ”

उन्होंने आईजीएमसी की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अस्पताल पहले से ही अपनी क्षमता से अधिक मरीजों का बोझ झेल रहा है।

ऐसे में:

  • 300 बेड के विशेष अस्पताल को वहां समायोजित करना मुश्किल है
  • मातृ एवं नवजात सेवाओं को जबरन स्थानांतरित करना जोखिम भरा हो सकता है

उन्होंने इसे मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया।


⚡ “नाले के पास शिफ्टिंग” का आरोप

भाजपा प्रवक्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ सुविधाओं को अस्थायी रूप से नाले के पास शिफ्ट करने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि यह न केवल कुप्रबंधन है, बल्कि अमानवीयता भी है।


💰 20 करोड़ खर्च पर उठाए सवाल

संदीपनी भारद्वाज ने बताया कि कमला नेहरू अस्पताल के उन्नयन पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब इस पूरी व्यवस्था को खत्म करना:

  • जनता के पैसे की बर्बादी है
  • स्वास्थ्य सेवाओं के साथ विश्वासघात है

🏢 जमीन के उपयोग पर भी सवाल

उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल की जमीन को अन्य उपयोग—जैसे विधायक हॉस्टल—के लिए इस्तेमाल करने की चर्चाएं सामने आ रही हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


❄️ नवजातों के लिए जोखिम का दावा

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि

  • कमला नेहरू अस्पताल की लोकेशन मरीजों के लिए अनुकूल है
  • जबकि IGMC का ठंडा वातावरण नवजात शिशुओं के लिए जोखिम भरा हो सकता है

उन्होंने इस फैसले को चिकित्सा विज्ञान के बजाय राजनीतिक दबाव से प्रेरित बताया।


⚖️ सड़कों से अदालत तक लड़ाई

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ

  • डॉक्टर
  • नागरिक
  • सामाजिक संगठन

अब विरोध के लिए तैयार हैं और जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।