हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य कमेटी ने सरकार के उस निर्णय का कड़ा विरोध किया है, जिसमें Kamla Nehru Hospital से स्त्री रोग (गायनी) ओपीडी को Indira Gandhi Medical College (आईजीएमसी) में स्थानांतरित करने और मातृ एवं शिशु सेवाओं को चमियाना शिफ्ट करने का प्रस्ताव है। महिला समिति ने इस फैसले को “महिला विरोधी” करार देते हुए आरोप लगाया है कि सरकार अस्पताल को खाली करवाकर वहां विधायकों के लिए हॉस्टल बनाने की योजना बना रही है।
⚠️ “महिला विरोधी निर्णय” का आरोप
समिति का कहना है कि यह फैसला महिलाओं के हितों के खिलाफ है और इससे हजारों महिला मरीजों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल लंबे समय से महिलाओं के इलाज का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां स्त्री रोग, प्रसूति सेवाएं और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।
🏥 ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण अस्पताल
समिति ने बताया कि कमला नेहरू अस्पताल ब्रिटिश काल से संचालित हो रहा है और यह प्रदेश का एकमात्र समर्पित मातृ एवं शिशु अस्पताल है।
यहां:
- गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी
- स्त्री रोगों का उपचार
- एंटीनेटल केयर
- एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और लैब टेस्ट
- आपातकालीन सेवाएं
एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, जिससे महिलाओं को त्वरित और बेहतर इलाज मिल पाता है।
🚫 आईजीएमसी पर पहले से दबाव
समिति ने कहा कि आईजीएमसी में पहले से ही मरीजों का अत्यधिक दबाव है और वहां संसाधनों की कमी भी है। ऐसे में गायनी ओपीडी को वहां स्थानांतरित करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों की भीड़ और बढ़ेगी, जिससे इलाज में देरी और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
💰 रोबोटिक सर्जरी पर सवाल
सरकार द्वारा आधुनिक सुविधाएं, विशेषकर रोबोटिक सर्जरी उपलब्ध कराने की बात पर भी समिति ने सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि:
- रोबोटिक सर्जरी काफी महंगी होती है
- सभी मरीज इसका खर्च वहन नहीं कर सकते
- हर महिला मरीज को इसकी आवश्यकता भी नहीं होती
ऐसे में यह सुविधा आम जनता के लिए उपयोगी नहीं बल्कि सीमित वर्ग तक ही सीमित रह सकती है।
📍 स्थान की सुविधा भी अहम
महिला समिति ने यह भी कहा कि कमला नेहरू अस्पताल का स्थान महिलाओं के लिए अत्यंत सुविधाजनक है, जहां भीड़भाड़ कम रहती है और मरीज आसानी से पहुंच सकते हैं। इसके विपरीत, अन्य स्थानों पर सेवाएं स्थानांतरित होने से मरीजों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे विशेषकर गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो सकती है।
📢 सरकार से प्रमुख मांगें
समिति ने सरकार से मांग की है कि:
- कमला नेहरू अस्पताल को शिफ्ट करने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए
- अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से सुदृढ़ किया जाए
- पुराने भवनों के स्थान पर नए भवन बनाए जाएं
- डॉक्टरों और स्टाफ की नियमित भर्ती सुनिश्चित की जाए
⚔️ आंदोलन की चेतावनी
महिला समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो प्रदेशभर में इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
🔚 निष्कर्ष
कमला नेहरू अस्पताल से सेवाओं के प्रस्तावित स्थानांतरण को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब गंभीर रूप लेता दिख रहा है। यह मामला केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस विरोध के बाद अपने निर्णय पर पुनर्विचार करती है या नहीं।