6,400 आंगनबाड़ी केंद्रों में चलेगा ‘कमाल की तैयारी’ समर कैंप

rakesh nandan

09/06/2026

6,400 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होगा ‘कमाल की तैयारी’ समर कैंप-2026

आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने, उनकी सीखने की क्षमता विकसित करने तथा माताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग और प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में समर कैंप-2026 ‘‘कमाल की तैयारी’’ आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी जय कुमार गुप्ता ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों और क्रियान्वयन रणनीति की समीक्षा की। बैठक में समर कैंप के उद्देश्यों, संचालन व्यवस्था और बच्चों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाएं।

6,400 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में होगा आयोजन

जिला कार्यक्रम अधिकारी जय कुमार गुप्ता ने बताया कि ‘‘कमाल की तैयारी’’ समर कैंप-2026 का आयोजन प्रदेश के 6,400 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यापक अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्कूल जाने से पहले सीखने के लिए तैयार करना और उनमें बुनियादी शैक्षणिक क्षमताओं का विकास करना है।

बच्चों के नामांकन और नियमित उपस्थिति पर रहेगा फोकस

समर कैंप के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के नामांकन को बढ़ावा देने के साथ-साथ उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि प्रारंभिक आयु में बच्चों की नियमित सहभागिता उनके मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए कैंप के दौरान अभिभावकों को भी बच्चों को नियमित रूप से केंद्रों तक भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

माताओं और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी

‘‘कमाल की तैयारी’’ समर कैंप की एक प्रमुख विशेषता माताओं और अभिभावकों की सहभागिता है। कार्यक्रम के माध्यम से माता-पिता को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि बच्चों के शुरुआती वर्षों में सीखने का वातावरण कितना महत्वपूर्ण होता है। अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद, खेल आधारित गतिविधियों और घरेलू स्तर पर सीखने को बढ़ावा देने के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी। इससे परिवार और आंगनबाड़ी केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

शालापूर्व शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

समर कैंप का मुख्य उद्देश्य शालापूर्व शिक्षा (Pre-School Education) को बढ़ावा देना है। इसके तहत बच्चों को खेल-खेल में सीखने की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार प्रारंभिक शिक्षा बच्चों की सीखने की क्षमता, भाषा विकास और सामाजिक व्यवहार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए समर कैंप की गतिविधियों को तैयार किया गया है।

बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान

कैंप के दौरान बच्चों की आयु के अनुरूप गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनसे उनकी सोचने-समझने की क्षमता, भाषा कौशल, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित हो सके। चित्रकला, कहानी सुनाना, समूह गतिविधियां, खेल आधारित शिक्षण और संवादात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों के बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा।

सामाजिक और भावनात्मक विकास को मिलेगा बल

बच्चों के समग्र विकास में सामाजिक और भावनात्मक स्थिरता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी उद्देश्य से समर कैंप में ऐसी गतिविधियों को शामिल किया जाएगा जो बच्चों में आत्मविश्वास, सहयोग की भावना और सामाजिक व्यवहार विकसित करने में सहायक हों। बच्चों को समूह में कार्य करना, अपनी भावनाएं व्यक्त करना और दूसरों के साथ सकारात्मक व्यवहार करना भी सिखाया जाएगा।

प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन का सहयोग

इस कार्यक्रम के संचालन में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। संस्था लंबे समय से बच्चों की शिक्षा और सीखने की गुणवत्ता में सुधार के क्षेत्र में कार्य कर रही है। फाउंडेशन द्वारा विकसित गतिविधियों और शिक्षण सामग्री का उपयोग समर कैंप के दौरान किया जाएगा ताकि बच्चों को सीखने का बेहतर अनुभव मिल सके।

समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि ‘‘कमाल की तैयारी’’ समर कैंप बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को स्कूल शिक्षा के लिए तैयार करने के साथ-साथ उनके बौद्धिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को भी मजबूत किया जाएगा। साथ ही अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाकर बच्चों के सीखने के वातावरण को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। प्रदेशभर में 6,400 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होने वाला यह अभियान प्रारंभिक बाल शिक्षा को नई दिशा देने और नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने का प्रयास है।