काला आम्ब (हरियाणा) क्षेत्र की शिवालिक कॉलोनी में जिला सिरमौर के ददाहू क्षेत्र के चुली गांव के तीन मजदूर युवकों—लखनपाल, विजय और नीरज—के साथ की गई बर्बर मारपीट और एक युवक की मौत की घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। गंभीर रूप से घायल लखनपाल की पीजीआई में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
इस जघन्य घटना को लेकर सीटू जिला सिरमौर कमेटी और हिमाचल किसान सभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने 6 जनवरी को पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। परिवारजनों ने बताया कि हमले के बाद आरोपियों ने धमकियां दीं और बच्चों को छोड़ने के बदले पैसों की मांग की। पीड़ितों के साथ की गई अमानवीय मारपीट के दौरान आपत्तिजनक सामग्री जबरन खिलाए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे अपराध की साजिशन और जातिगत प्रकृति उजागर होती है।
सीटू जिला सिरमौर कमेटी ने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद मामला नारायणगढ़ थाने में कमजोर धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जो न्याय प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। संगठन ने मांग की है कि इस मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत साजिशन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए, सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए तथा निष्पक्ष और तेज़ जांच सुनिश्चित की जाए।
इसी क्रम में राजेंदर ठाकुर, आशीष कुमार, किसान सभा जिला अध्यक्ष सतपाल मान सहित सीटू, किसान सभा और जनवादी महिला समिति के प्रतिनिधियों तथा पीड़ित परिवार के सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक, जिला सिरमौर से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों को सुरक्षा, गवाहों को संरक्षण और किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त निष्पक्ष जांच की मांग रखी।
सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि मजदूरों के खिलाफ की गई सुनियोजित साजिश है। उन्होंने मांग की कि हिमाचल प्रदेश सरकार इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और राज्य से बाहर काम कर रहे हिमाचली मजदूरों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सीटू ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा।
