राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा “कहलूर दर्शन” नामक एक विशेष प्रदर्शनी स्टॉल स्थापित किया गया है, जो लोगों को बिलासपुर के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और पारंपरिक विरासत से अवगत करा रहा है। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ उपायुक्त एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष राहुल कुमार ने किया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर भी उपस्थित रहे।
प्राचीन कहलूर की झलक
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि:
- प्रदर्शनी में पुराने बिलासपुर और कहलूर रियासत की परंपराओं को दर्शाया गया है
- प्राचीन जीवनशैली को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है
पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन
इस स्टॉल में:
- बढ़ईगीरी (कारपेंटरी)
- मूर्तिकला (स्कल्पचर)
- चित्रकला (पेंटिंग)
जैसी पारंपरिक कलाओं को प्रदर्शित किया गया है, जिससे उस दौर के कला कौशल और जीवन शैली को समझा जा सके।
जानकारी के साथ कलाकृतियां
प्रदर्शनी में प्रत्येक कलाकृति के साथ:
- विस्तृत जानकारी भी दी गई है
- जिससे दर्शकों को सांस्कृतिक विरासत के बारे में गहराई से समझ मिलती है

ऋषि व्यास की आकर्षक मूर्ति
स्टॉल में ऋषि व्यास की एक आकर्षक मूर्ति भी स्थापित की गई है, जो:
- बिलासपुर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को दर्शाती है
- बाहरी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है
युवाओं के लिए खास आकर्षण
उपायुक्त ने कहा कि:
- यह प्रदर्शनी विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणादायक है
- यह उन्हें अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने का कार्य करेगी
निष्कर्ष
“कहलूर दर्शन” प्रदर्शनी न केवल नलवाड़ी मेले का प्रमुख आकर्षण बनी हुई है, बल्कि यह बिलासपुर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है।
