हिमाचल प्रदेश के Mandi में ग्रीष्म ऋतु के दौरान जलजनित रोगों की संभावनाओं को देखते हुए जल शक्ति विभाग ने पेयजल उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे केवल विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे शुद्ध पेयजल का ही उपयोग करें।
सहायक अभियंता Rohit Gupta ने बताया कि विभाग द्वारा आपूर्ति किया जा रहा पानी आधुनिक शुद्धिकरण और गुणवत्ता परीक्षण प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद ही उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है। इसलिए यह पानी पीने के लिए सुरक्षित है और उपभोक्ताओं को इसी का उपयोग करना चाहिए।
💧 आधुनिक तकनीक से हो रहा जल शुद्धिकरण
उन्होंने जानकारी दी कि मंडी शहर के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिदिन पानी के नमूने एकत्रित कर उनका नियमित परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण में विभागीय स्रोतों का पानी सुरक्षित पाया गया है।
जल शुद्धिकरण के लिए विभाग द्वारा तीन स्तरों की प्रक्रिया अपनाई जा रही है:
- प्राथमिक और द्वितीयक उपचार के लिए रैपिड सैंड फिल्ट्रेशन
- तृतीयक उपचार के लिए गैसीय क्लोरीनेशन
इन प्रक्रियाओं के माध्यम से पानी को पूरी तरह से शुद्ध किया जाता है, जिससे जलजनित रोगों का खतरा कम होता है।
🧼 टैंक की सफाई और रखरखाव जरूरी
विभाग ने उपभोक्ताओं को अपने निजी जल भंडारण टैंकों की नियमित सफाई करने और उन्हें ढककर रखने की सलाह दी है। इससे पानी में किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा।
इसके अलावा पारंपरिक जल स्रोतों जैसे बावड़ियों और निजी कुओं के पानी के नमूनों की भी जांच की जा रही है। विभाग ने कहा कि यदि किसी जल कनेक्शन में रिसाव है, तो उसे तुरंत ठीक करवाया जाए, क्योंकि इससे प्रदूषित तत्व पानी में प्रवेश कर सकते हैं।
अपरिहार्य परिस्थितियों में पानी को उबालकर या क्लोरीनेशन के बाद ही उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही ऐसे पानी का उपयोग न करने की चेतावनी दी गई है जिसमें रंग परिवर्तन, दुर्गंध या लंबे समय तक भंडारण के संकेत हों।
⚠️ बीमारी के मामलों पर तुरंत सूचना दें
विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में पीलिया जैसे जलजनित रोग का मामला सामने आता है, तो इसकी सूचना तुरंत जल शक्ति विभाग को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
💸 लंबित बिल जल्द जमा करें
इंजीनियर रोहित गुप्ता ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के पेयजल बिल लंबित हैं, वे एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करें। निर्धारित समय के बाद बिना पूर्व सूचना के जल कनेक्शन बंद किए जा सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया है कि कुछ स्थानों पर जल भंडारण टैंकों से पानी की अनावश्यक बर्बादी हो रही है, जिससे न केवल जल संसाधनों का नुकसान हो रहा है बल्कि उपभोक्ताओं के बिल भी बढ़ रहे हैं।
🏪 घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग न करें
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो उपभोक्ता घरेलू जल कनेक्शन का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों (जैसे ढाबा, दुकान या कार्यालय) के लिए कर रहे हैं, वे एक सप्ताह के भीतर अपने कनेक्शन को व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित करें या नए कनेक्शन के लिए आवेदन करें।
📞 शिकायत के लिए संपर्क
विभाग ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं:
- पेयजल शिकायत: 01905-222855
- सीवरेज शिकायत: 01905-222955
- बिल संबंधी जानकारी: 01905-222173
🔚 निष्कर्ष
जल शक्ति विभाग की यह एडवाइजरी गर्मियों के दौरान जलजनित रोगों से बचाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि उपभोक्ता इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं, तो न केवल अपनी सेहत सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि जल संरक्षण और स्वच्छता में भी योगदान दे सकते हैं।