शिमला जाखू मंदिर का 5.67 करोड़ से होगा जीर्णोद्धार

rakesh nandan

09/01/2026

शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य जल्द शुरू होगा। प्रदेश सरकार ने मंदिर के जीर्णोद्धार से जुड़े प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 5 करोड़ 67 लाख 14 हजार 944 रुपये तय की गई है।

यह प्रोजेक्ट अब नगर निगम शिमला के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा, जिसके बाद इसे मंत्रिमंडल की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना पर होने वाला संपूर्ण खर्च हनुमान जी मंदिर न्यास, जाखू द्वारा अपने संसाधनों से वहन किया जाएगा।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि जाखू मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण वर्तमान व्यवस्थाओं में कई व्यावहारिक कठिनाइयाँ सामने आ रही थीं। जीर्णोद्धार परियोजना के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं को आधुनिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

परियोजना में शामिल प्रमुख कार्य

जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट के अंतर्गत—

  • यज्ञशाला का निर्माण

  • शू हाउस का निर्माण

  • भंडारा भवन का जीर्णोद्धार

  • हनुमान प्रतिमा के सामने क्षेत्र का विस्तारीकरण

  • मंदिर पार्क का जीर्णोद्धार

  • मंदिर कार्यालय का नवीनीकरण

  • कीर्तन भवन में रेलिंग कार्य

  • सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत

  • मंदिर परिसर में 6 नई दुकानें

  • बच्चों के लिए पार्क का निर्माण

यज्ञशाला होगी पारंपरिक शैली में

प्रस्तावित यज्ञशाला मंडप शैली में बनाई जाएगी, जिसमें 16 स्तंभ, 32 रूफ सपोर्टिंग कॉलम, वेदी, ध्वज, तोरण और पताका शामिल होंगी। सभी निर्माण कार्य हिंदू संस्कृति की पारंपरिक स्थापत्य शैली के अनुसार होंगे।

शू हाउस और पार्किंग से मिलेगी राहत

परियोजना के तहत 22.41 वर्ग मीटर क्षेत्र में नया शू हाउस बनाया जाएगा, जिसमें टोकन सिस्टम और शू रैक की सुविधा होगी। इसके अतिरिक्त लगभग 40 लाख रुपये की लागत से पार्किंग सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को पार्किंग की समस्या से राहत मिलेगी।

जाखू मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

मंदिर के पुजारी बी.पी. शर्मा के अनुसार, यह वही स्थान है जहाँ संजीवनी बूटी लाने जाते समय हनुमान ने विश्राम किया था और यक्ष ऋषि से मार्गदर्शन प्राप्त किया था। यही कारण है कि जाखू मंदिर का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है।

उपायुक्त ने बताया कि परियोजना से जुड़ी शेष औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा, ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।