कांग्रेस सरकार वित्तीय संकट पर कर रही राजनीति : जयराम

rakesh nandan

19/02/2026

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और केंद्र सरकार पर अनावश्यक आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से केंद्र से भरपूर सहयोग ले रही है, लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ गंभीर टिप्पणियाँ कर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि असली मुद्दा यह नहीं है कि केंद्रीय बजट में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट का उल्लेख हुआ या नहीं, बल्कि यह है कि जब यह ग्रांट मिल रही थी तब भी राज्य सरकार वित्तीय संकट की बात कर रही थी। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद यदि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद हुई है तो प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रभावी वित्तीय प्रबंधन करे। विधानसभा की कार्यवाही का उल्लेख करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा परंपरा का हिस्सा है, लेकिन सरकार राजनीतिक प्रस्ताव लाकर मुद्दे को भटकाना चाहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा सदन में कई विरोधाभासी आंकड़े प्रस्तुत किए गए।

वित्त आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान 12वें और 13वें वित्त आयोग में हिमाचल को लगभग ₹18,000 करोड़ अनुदान मिला, जबकि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में 14वें और 15वें वित्त आयोग के दौरान लगभग ₹89,254 करोड़ की सहायता मिली। उन्होंने कहा कि पिछले चालीस वर्षों में हिमाचल को लगभग ₹21,000 करोड़ राजस्व घाटा अनुदान मिला, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में यह राशि ₹89,000 करोड़ से अधिक रही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा ऋण संबंधी आंकड़ों में विरोधाभास सामने आया है, जिससे जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि ऋण लेना असामान्य नहीं है, लेकिन तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना गंभीर विषय है।

अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश हितों के साथ खड़ी है और यदि सरकार विपक्ष का सहयोग चाहती है तो उसे जिम्मेदार एवं लोकतांत्रिक व्यवहार अपनाना होगा।