नशा कारोबारियों पर नहीं, मातृ शक्ति पर कार्रवाई: जयराम ठाकुर

rakesh nandan

30/12/2025

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बिलासपुर भाजपा द्वारा प्रदेश में बढ़ते नशे, नशा कारोबारियों को मिल रहे संरक्षण तथा नशे के खिलाफ गश्त कर रही महिलाओं पर दर्ज मुकदमों के विरोध में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान बिलासपुर मुख्य बाजार से उपायुक्त कार्यालय तक विरोध प्रदर्शन किया गया और उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर महिला मंडल की महिलाओं पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लेने की मांग की गई।

जयराम ठाकुर ने कहा कि नशे के खिलाफ अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में गश्त कर रही महिलाओं पर मुकदमे दर्ज करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार नशे को लेकर वास्तव में गंभीर नहीं है और ठोस कार्रवाई के बजाय केवल शोबाजी एवं इवेंट मैनेजमेंट तक सीमित रह गई है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के कोने-कोने में नशा फैल चुका है और आए दिन युवा नशे के ओवरडोज से अपनी जान गंवा रहे हैं। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, लेकिन सरकार नशा कारोबारियों पर सख्ती करने के बजाय नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाली मातृ शक्ति को ही निशाना बना रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिलाओं ने नशे की सूचना पुलिस को दी तो मौके पर पुलिस क्यों नहीं पहुंची। गांवों की झाड़ियों में सरेआम नशे में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन मिलना आम बात हो गई है, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सरकार और व्यवस्था की नाकामी है कि जो काम पुलिस को करना चाहिए, वह आम लोग कर रहे हैं और बदले में उन्हें मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। यदि माताओं को अपने बच्चों को नशे से बचाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है तो सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए।

अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बनाकर नशे के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया था, जिससे नशे पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया। लेकिन वर्तमान सरकार के तीन वर्षों में इस दिशा में एक भी ठोस अंतरराज्यीय बैठक नहीं हुई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नशा आज प्रदेश का सबसे बड़ा संकट है और यदि मुख्यमंत्री वास्तव में चिट्टे के खिलाफ गंभीर हैं तो उन्हें इस लड़ाई में जुटे हर प्रदेशवासी को सहयोग और सम्मान देना चाहिए, न कि एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।