राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने किन्नौर जिला के रिकांग पिओ स्थित एस.डी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की मजबूत नींव है।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में संपूर्ण विकास तभी संभव है जब बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों में भी समान अवसर मिले। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार जनजातीय व दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा का आधारभूत ढांचा आधुनिक बना रही है, ताकि ग्रामीण परिवेश के बच्चे निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की बराबरी कर सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने मुख्य अतिथि का पारंपरिक स्वागत किया।
रिब्बा पंचायत में 28.49 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास
इसके उपरांत मंत्री ने ग्राम पंचायत रिब्बा में बड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया—
⭐ लोकार्पण
1.88 करोड़ से निर्मित लाइब्रेरी, बुजुर्ग कक्ष एवं संगीत रिकॉर्डिंग कक्ष
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रिब्बा में शव परीक्षण कक्ष का उद्घाटन
⭐ शिलान्यास
20.75 करोड़ की मल निकासी योजना
15 लाख की खेल स्टेडियम परियोजना
बस अड्डा रिब्बा व पार्किंग सुविधा
1.88 करोड़ से बनने वाली होल्डांग–मोल्लम छोसतेन सड़क
1.43 करोड़ से बनने वाली परांका–कुरपो सड़क
2.04 करोड़ की परांका–दारंगदेन सड़क
मंत्री ने रिब्बा में स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष बल
जगत सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों में—
शिक्षा,
स्वास्थ्य,
ग्रामीण अर्थव्यवस्था,
तथा मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने बताया कि पीएचसी रिब्बा को और मजबूत बनाया जा रहा है तथा क्षेत्रीय अस्पताल रिकांग पिओ में विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त किए गए हैं ताकि लोगों को घर-द्वार पर ही बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
वन अधिकार अधिनियम और मनरेगा में महत्वपूर्ण सुधार
मंत्री ने बताया कि किन्नौर में उपेक्षित एवं निर्धन परिवारों को वन अधिकार अधिनियम–2006 के तहत भूमि के मालिकाना हक दिए जा रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि—
वन अधिकार अधिनियम–2006
नोतोड़ अधिनियम–1968
सूचना का अधिकार अधिनियम–2005
मनरेगा–2005
मिड-डे मील योजना
इन सभी योजनाओं की नींव पूर्व कांग्रेस सरकारों द्वारा रखी गई थी, जो सदैव कमजोर वर्गों के लिए निष्ठापूर्वक काम करती रही हैं।
सरकार ने मनरेगा में कार्य दिवस बढ़ाकर 150 दिवस कर दिए हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी मजबूत होगी।