एचपी शिवा क्लस्टर से किसानों की आय बढ़ेगी: जगत सिंह नेगी

rakesh nandan

13/03/2026

एचपी शिवा परियोजना बागवानी को दे रही नई दिशा

जगत सिंह नेगी ने वीरवार देर सायं सरकाघाट उपमंडल के भांबला और बही-1 क्षेत्रों में चल रहे एचपी शिवा क्लस्टर का दौरा कर परियोजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान उन्होंने सिंचाई टैंक, मोटर तथा ड्रिप सिंचाई प्रणाली का निरीक्षण करते हुए परियोजना की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई एचपी शिवा परियोजना किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


17 मार्च तक भांबला क्लस्टर में पहुंचेगा पानी

मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि भांबला क्लस्टर में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है और 17 मार्च तक यहां पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी। उन्होंने बागवानों से कहा कि पौधों की सुरक्षा और देखभाल उनकी जिम्मेदारी है, जबकि सरकार की ओर से तकनीकी सहायता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि एचपी शिवा परियोजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है और बागवानों को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।


तीन हेक्टेयर भूमि में भी बन सकता है क्लस्टर

भांबला में बागवानों के साथ बातचीत के दौरान मंत्री ने बताया कि यदि किसान चाहें तो तीन हेक्टेयर भूमि में भी क्लस्टर स्थापित किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए पानी की व्यवस्था स्वयं किसानों को करनी होगी। उन्होंने बताया कि एचपी शिवा क्लस्टर के अंतर्गत बागवानी विभाग द्वारा अधिकांश कार्य निःशुल्क करवाए जाते हैं।


भांबला क्लस्टर में 12.7 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी

मंत्री ने जानकारी दी कि भांबला का एचपी शिवा क्लस्टर 12.7 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापित किया गया है और इसकी स्थापना फरवरी माह में की गई है।

इस क्लस्टर से 67 परिवार जुड़े हुए हैं, जिन्हें बागवानी के माध्यम से अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं।

यहां विभिन्न किस्मों के पौधे लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • मौसंबी प्रजाति के पेरा के 1888 पौधे

  • वैलेंसिया प्रजाति के 2222 पौधे

  • ब्लड रेड प्रजाति के 5000 पौधे

  • मौसंबी के 2000 पौधे

इस प्रकार कुल 11,110 पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि 2543 पौधे और लगाए जाने बाकी हैं


बही-1 क्लस्टर में 30 किसान जुड़े

इसके अतिरिक्त बही-1 क्लस्टर लगभग 9.3 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापित किया गया है, जिसमें 30 किसान जुड़े हुए हैं। इस क्लस्टर में अब तक 8365 अमरूद के पौधे लगाए जा चुके हैं। मंत्री ने कहा कि इस प्रकार की क्लस्टर आधारित बागवानी से किसानों को संगठित तरीके से उत्पादन करने और बेहतर बाजार उपलब्ध होने में मदद मिलती है।


राजस्व विभाग में लागू हो रहे नए सुधार

मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि राज्य सरकार राजस्व विभाग में भी कई महत्वपूर्ण सुधार लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि अब कई प्रमाणपत्र ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे प्राप्त किए जा सकेंगे। इसके साथ ही जमाबंदी और ततीमा को भी ऑनलाइन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि इससे लोगों को तहसीलों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और राजस्व सेवाएं अधिक पारदर्शी और सुगम बनेंगी।


राजस्व मामलों के निपटारे के लिए तय हुई समयसीमा

मंत्री ने कहा कि राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के लिए समयसीमा भी निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि—

  • निशानदेही के लिए 6 महीने की समयसीमा तय की गई है

  • आवश्यक होने पर इसे 3 महीने तक बढ़ाया जा सकता है

यदि 9 महीने के भीतर निशानदेही पूरी नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रकार तकसीम के मामलों के निपटारे के लिए 9 महीने की समयसीमा तय की गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर 3 महीने तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि मंत्री ने स्पष्ट किया कि एक वर्ष के भीतर तकसीम का निपटारा करना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में इंतकाल की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जाएगी।


वन अधिकार अधिनियम की दी जानकारी

मंत्री ने उपस्थित लोगों को वन अधिकार अधिनियम 2006 के विभिन्न प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं।


कई अधिकारी और बागवान रहे उपस्थित

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव पवन ठाकुर, एसडीएम सरकाघाट राजेश गौतम, परियोजना निदेशक एचपी शिवा देवेंद्र ठाकुर, संयुक्त निदेशक विद्या प्रकाश बैंस, उपनिदेशक संजय गुप्ता और डीएसपी संजीव गौतम सहित कई अधिकारी और बागवान उपस्थित रहे। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।