ऊना में 59 आपदा प्रभावित परिवारों को 75 लाख की राहत

rakesh nandan

14/03/2026

राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शनिवार को सर्किट हाउस ऊना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ऊना विधानसभा क्षेत्र के 59 पात्र आपदा प्रभावित परिवारों को 75 लाख रुपये की राहत राशि के चेक वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर संकट की घड़ी में जनता के साथ मजबूती से खड़ी है और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।


आपदा प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए विशेष राहत पैकेज तैयार किया है, ताकि संकट की स्थिति में जरूरतमंद परिवारों को तुरंत आर्थिक सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आपदा से प्रभावित हर परिवार तक राहत राशि जल्द से जल्द पहुंचे और उन्हें दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिले।उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करती रहेगी।


आपदा राहत राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

मंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने आपदा राहत नीति को अधिक जनहितकारी बनाया है। उन्होंने बताया कि पहले जिन परिवारों के घर प्राकृतिक आपदा में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाते थे, उन्हें केवल 1.5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती थी। अब राज्य सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया है, ताकि प्रभावित परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े और वे अपने जीवन को दोबारा व्यवस्थित कर सकें।


अनाथ बच्चों को संरक्षण देने वाला पहला राज्य

मंत्री ने कहा कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जहां कानून बनाकर लगभग 6,000 अनाथ बच्चों को सरकारी संरक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का कोई सहारा नहीं है, उनके लिए राज्य सरकार माता-पिता की भूमिका निभा रही है। सरकार 27 वर्ष की आयु तक निराश्रित बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठा रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के बाद मकान बनाने के लिए 3 बिस्वा भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान भी किया गया है।


एचपी शिवा परियोजना से बढ़ेगी किसानों की आय

मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए एचपी शिवा परियोजना के तहत विशेष पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि ऊना जिले के 14 विभिन्न स्थानों पर एचपी शिवा प्रोजेक्ट लागू किया जा रहा है, जिससे बागवानों और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है। इस परियोजना के तहत किसानों को अमरूद, लीची, अनार, माल्टा, मौसमी और ड्रैगन फ्रूट जैसे फलों की उन्नत किस्मों के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही बागानों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए फेंसिंग, पौध संरक्षण और ड्रिप इरीगेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी से अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं।


राजस्व सेवाओं को किया जा रहा डिजिटल

राजस्व मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार लोगों को सरल और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने के लिए राजस्व विभाग की कई सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह है कि लोगों को राजस्व संबंधी सेवाएं कम समय में उपलब्ध हो सकें और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सरकार ने राजस्व मामलों के निपटारे के लिए समयसीमा भी निर्धारित की है। इसके अनुसार तकसीम और निशानदेही से संबंधित मामलों को नौ महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।


कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, ऊना के पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम और उपायुक्त जतिन लाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सरकार द्वारा आपदा प्रभावित परिवारों को समय पर राहत प्रदान करने के प्रयासों की सराहना की।