नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर हमीरपुर के वार्ड नंबर–5 स्थित गुंजन संस्था के इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स (आईआरसीए) में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गूंजन संस्था के पदाधिकारी, आईआरसीए के स्टाफ, उपचाराधीन युवा तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान अमृतसर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें नशा निवारण के लिए देशव्यापी पहल और महत्वपूर्ण संदेश साझा किए गए।
नशा उन्मूलन का संकल्प
आईआरसीए हमीरपुर के संचालक ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान नशा निवारण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। प्रतिभागियों को—
नशे के दुष्प्रभावों
नशा मुक्त जीवन के लाभों
उपचार व पुनर्वास प्रक्रिया
परिवार और समाज की भूमिका
के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
इसके साथ ही सभी उपस्थित लोगों ने नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प भी लिया।
सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में सोसाइटी ऑफ हिल्ली वेलफेयर के काउंसलर, सोशल वर्कर्स और स्वयंसेवियों ने भी भाग लिया। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि नशा मुक्ति केवल उपचार नहीं बल्कि एक सामूहिक सामाजिक प्रयास है।
उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी जब—
समाज
परिवार
प्रशासन
और युवा स्वयं
एकजुट होकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।