आईओसीएल प्लांट ऊना में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित

rakesh nandan

11/03/2026

आईओसीएल एलपीजी प्लांट में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल

हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में बुधवार को जिला ऊना के रायपुर सहोड़ां (मैहतपुर) स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में आपदा प्रबंधन से संबंधित मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, विभागों के बीच समन्वय और उपलब्ध संसाधनों की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था।


आपदा प्रबंधन तैयारियों का किया गया पूर्वाभ्यास

मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक आपदा परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें औद्योगिक दुर्घटना की स्थिति में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और आपसी समन्वय का परीक्षण किया गया। इस अभ्यास में आपदा प्रबंधन से जुड़े तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी परखा गया। अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया।


एसडीएम ने बताया मॉक ड्रिल का उद्देश्य

अभिषेक मित्तल ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन की आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का मूल्यांकन करना था। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास के माध्यम से प्रतिक्रिया में लगने वाले समय, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में संभावित अंतराल और फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों की पहचान की गई। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के आधार पर भविष्य में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाकर आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।


औद्योगिक क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की रहती है आशंका

एसडीएम ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में गैस रिसाव, आग लगने या अन्य दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। ऐसी स्थिति में जन सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित नुकसान को कम करने के लिए अधिकारियों और संबंधित विभागों को अपने दायित्वों की स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की तैयारी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


मॉक ड्रिल का तैयार किया गया परिदृश्य

मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें सुबह लगभग 11 बजे आईओसीएल प्लांट में एलपीजी सिलेंडरों से भरा एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को प्राप्त होती है। सूचना मिलते ही संबंधित सभी विभागों और एजेंसियों को तुरंत अलर्ट किया गया। आईओसीएल के अधिकारियों ने इसे लेवल-3 अग्नि दुर्घटना का परिदृश्य बताया, जिसमें पांच लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति बनाई गई।


राहत और बचाव कार्यों का किया गया अभ्यास

मॉक ड्रिल के दौरान बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास किया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल ऊना भेजा गया। इसके साथ ही स्टेजिंग एरिया, प्लानिंग और लॉजिस्टिक पोस्ट की स्थापना, रेस्क्यू ऑपरेशन, चिकित्सा सहायता और घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने जैसी प्रक्रियाओं का विस्तार से परीक्षण किया गया।


कई विभागों ने लिया भाग

इस मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों और एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर होमगार्ड 12वीं बटालियन ऊना के कमांडेंट हितेश लखनपाल, डिप्टी कमांडेंट ऑपरेशन धर्मेंद्र ठाकुर, आईओसीएल के मुख्य प्लांट प्रबंधक नितिन पांडे, अग्निशमन अधिकारी सुरेश कुमार तथा पुलिस निरीक्षक अंकुश डोगरा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी भी इस अभ्यास में शामिल हुए।


आपदा से निपटने की तैयारी होगी मजबूत

इस प्रकार की मॉक ड्रिल से आपदा प्रबंधन प्रणाली की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलती है। अधिकारियों का कहना है कि इस अभ्यास से प्राप्त अनुभवों के आधार पर भविष्य में आपातकालीन स्थितियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा।