मंडी में ‘अंतर-पीढ़ी संवाद’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
जिला मंडी में सामाजिक समरसता और पीढ़ियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत जिला कल्याण अधिकारी, मंडी के तत्वावधान में “अंतर-पीढ़ी संवाद” विषय पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विजय मेमोरियल कॉलेज ऑफ एजुकेशन में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करना तथा समाज के विभिन्न वर्गों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूकता
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक कार्य योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय तथा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में बताया गया कि सरकार द्वारा इन वर्गों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना है।
मुख्य अतिथि ने शिक्षा के महत्व पर दिया जोर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. गिरीश सुमरा उपस्थित रहे, जो अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिसके जरिए समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा यदि एक साथ मिल जाए तो समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिल सकती है।
विभागीय योजनाओं की दी जानकारी
इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी समीर और तहसील कल्याण अधिकारी धर्मशीला ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यकों तथा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच बेहतर समझ और सामंजस्य स्थापित करना है, ताकि समाज में आपसी सहयोग और सम्मान की भावना को बढ़ावा मिल सके।
सामाजिक संस्थाओं का सहयोग
कार्यक्रम में कई सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग रहा। इस अवसर पर विज्डम एजुकेशन सोसायटी की अध्यक्ष कविता मरवाह तथा विजय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के चेयरमैन गौरव मरवाह विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विजय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स एवं विजय मेमोरियल कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्रिंसिपल डॉ. दीप्ति ने की।
सकारात्मक सोच और ध्यान का महत्व
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से सिस्टर बानो भी उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों को सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और ध्यान के महत्व के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने संक्षिप्त ध्यान अभ्यास भी करवाया, जिससे प्रतिभागियों को मानसिक शांति और एकाग्रता का अनुभव हुआ।
साहित्यकारों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में कई साहित्यकार भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने विचारों के माध्यम से पीढ़ियों के बीच संवाद के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर उपस्थित साहित्यकारों में:
भीम सिंह परदेसी
सुरेंद्र मिश्रा
रतन लाल मिश्रा
शामिल रहे।
उन्होंने सांस्कृतिक मूल्यों और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं ने मिलकर लिया भाग
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं ने मिलकर कई गतिविधियों में भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से दोनों पीढ़ियों के बीच संवाद, सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए खेल गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिससे कार्यक्रम का वातावरण उत्साहपूर्ण बना रहा।
सामाजिक समरसता को बढ़ावा
इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज में पीढ़ियों के बीच संवाद को मजबूत करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद और सहयोग की भावना मजबूत हो, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।