सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जिला हमीरपुर के भकरेड़ी स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) भोरंज में मंगलवार को “इंटर जनरेशनल बॉन्डिंग” यानी अंतर-पीढ़ीगत संबंध विषय पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम “वृद्धजनों हेतु राष्ट्रीय कार्य योजना” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और युवा पीढ़ी के बीच संवाद, समझ और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों और आईटीआई के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के संतुलित विकास के लिए पीढ़ियों के बीच सामंजस्य अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के पास अनुभव का विशाल भंडार होता है, जबकि युवाओं में ऊर्जा और नई सोच होती है। इन दोनों का समन्वय समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने आगे कहा कि आज के आधुनिक और तेज़ी से बदलते समय में जहां तकनीक ने जीवन को सरल बनाया है, वहीं पीढ़ियों के बीच संवाद की कमी भी देखी जा रही है। ऐसे में इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच पर लाकर उनके बीच बेहतर संबंध स्थापित करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा करते हुए युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों से जीवन के मूल्यों, संस्कारों और अनुभवों को सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज की धरोहर हैं और उनके अनुभवों से सीख लेकर युवा अपने जीवन को सही दिशा दे सकते हैं।
इससे पहले तहसील कल्याण अधिकारी बलदेव सिंह ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, अन्य गणमान्य व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी, जिनका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
कार्यक्रम में आईटीआई के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने डिजिटल और वित्तीय साक्षरता विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधों से बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों ने बताया कि डिजिटल युग में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचा जा सके।
इस दौरान कई वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने जीवन अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को संयम, अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य और निरंतर प्रयास आवश्यक है। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे तकनीक का सही उपयोग करें और समाज के विकास में अपना योगदान दें।
वरिष्ठ नागरिकों ने युवाओं को यह भी प्रेरित किया कि वे बुजुर्गों का सम्मान करें और जरूरत पड़ने पर उन्हें तकनीकी सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आज के समय में तकनीक का ज्ञान बहुत जरूरी है और युवा इसमें बुजुर्गों की मदद कर सकते हैं।
कार्यक्रम में आईटीआई भोरंज के प्रधानाचार्य अनिल ठाकुर, हेल्थ सुपरवाइजर सुनील कुमार, एसआई अजय कुमार, पहचान संस्था हमीरपुर की अध्यक्ष चेतना शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम न केवल पीढ़ियों के बीच संवाद को मजबूत करने का एक प्रयास था, बल्कि समाज में आपसी सम्मान, सहयोग और समझ की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित हुआ। इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और पीढ़ियों के बीच की दूरी को कम करने में मदद मिलती है।