अम्ब में इंटरजेनरेशनल बॉन्डिंग कार्यक्रम, 120 प्रतिभागियों ने लिया भाग
अम्ब स्थित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में शनिवार को एक दिवसीय इंटरजेनरेशनल बॉन्डिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद को सुदृढ़ बनाना तथा दोनों पीढ़ियों के अनुभवों, मूल्यों और विचारों का आदान-प्रदान सुनिश्चित करना था। इस पहल का मकसद समाज में आपसी समझ, सम्मान और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में लगभग 120 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें वरिष्ठ नागरिक, युवा और महिलाएं शामिल रहीं। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की सफलता को दर्शाया।
मुख्य अतिथि ने दिया संवाद का संदेश
कार्यक्रम में जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पीढ़ियों के बीच संवाद समाज की सुदृढ़ता का आधार है। जब युवा वर्ग वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों से सीखता है और वरिष्ठ नागरिक युवाओं के नवीन दृष्टिकोण को समझते हैं, तब समाज में संतुलन और सामंजस्य की भावना विकसित होती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने बुजुर्गों के जीवन अनुभवों से प्रेरणा लें। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों से भी अपील की कि वे युवाओं के नवाचारपूर्ण विचारों को अपनाकर बदलते समय के साथ कदम मिलाएं।
वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को “मेंटेनेंस ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटिज़न्स एक्ट” के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अधिनियम के तहत वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और उनके संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने समझाया कि यह कानून बुजुर्गों को भरण-पोषण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। यदि कोई संतान अपने माता-पिता या वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल नहीं करती, तो वे कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। पात्र व्यक्तियों से अपील की गई कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करें।
संवादात्मक सत्र रहे आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए। वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवन संघर्षों, सामाजिक बदलावों और पारिवारिक मूल्यों पर विचार रखे, जबकि युवाओं ने तकनीकी प्रगति, शिक्षा और आधुनिक सोच के विषय में अपनी बात रखी। इन सत्रों के माध्यम से आपसी समझ, आत्मीयता और सम्मान की भावना को बल मिला। कई प्रतिभागियों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
सामाजिक समरसता की दिशा में पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरजेनरेशनल कार्यक्रम समाज में बढ़ती पीढ़ीगत दूरी को कम करने में सहायक सिद्ध होते हैं। वर्तमान समय में तेजी से बदलती जीवनशैली के कारण पीढ़ियों के बीच संवाद में कमी देखी जा रही है। ऐसे में इस प्रकार के आयोजन सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम में तहसील कल्याण अधिकारी बंगाणा विवेक, तहसील कल्याण अधिकारी ऊना जतिंदर शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे समाजहित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
निष्कर्ष
अम्ब में आयोजित यह इंटरजेनरेशनल बॉन्डिंग कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में संवाद और समझ को पुनर्जीवित करने की दिशा में सार्थक प्रयास साबित हुआ। लगभग 120 प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि समाज में पीढ़ियों के बीच संवाद की आवश्यकता और महत्ता दोनों बनी हुई है। ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित होते रहें, तो निश्चित ही सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को नई मजबूती मिलेगी