पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर आज मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भराड़ी में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
इंदिरा गांधी का नेतृत्व भारत की दिशा बदलने वाला रहा — धर्माणी
राजेश धर्माणी ने कहा कि इंदिरा गांधी को याद करना केवल इतिहास को स्मरण करना नहीं, बल्कि यह समझना है कि दृढ़ नेतृत्व किस तरह देश की दिशा बदल सकता है। उन्होंने कहा कि समाज और परिवार दोनों को मिलकर बच्चियों का आत्मविश्वास बढ़ाना होगा। इंदिरा गांधी इसका सर्वोत्तम उदाहरण हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश का नेतृत्व कर भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत पहचान दिलाई।
विकास और सशक्तिकरण की अग्रदूत थीं इंदिरा गांधी
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और सामरिक सुधारों की दिशा में सबसे निर्णायक कदम उठाने वाली नेता थीं।
1969 का बैंक राष्ट्रीयकरण—गरीबों, किसानों और छोटे व्यापारियों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़कर आर्थिक समानता की दिशा में बड़ा परिवर्तन।
हरित क्रांति—भारत को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का ऐतिहासिक निर्णय, जिसने किसानों की स्थिति को सुदृढ़ किया।
1971 का भारत-पाक युद्ध—इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत की ऐतिहासिक विजय और बांग्लादेश का निर्माण।
1974 का पोखरण परमाणु परीक्षण—भारत को परमाणु शक्ति के रूप में वैश्विक मान्यता और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि।
श्वेत क्रांति और ‘गरीबी हटाओ’ अभियान—ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं।
पांच और बीस सूत्रीय कार्यक्रम—परिवार नियोजन, दहेज प्रथा उन्मूलन, निरक्षरता, झुग्गी सुधार और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सशक्त सुधार।
राजेश धर्माणी ने कहा कि गुट निरपेक्ष आंदोलन में इंदिरा गांधी की भूमिका ने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दी और विश्व राजनीति में भारत के प्रभाव को बढ़ाया।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत
मंत्री ने बच्चों से कहा कि इंदिरा गांधी का जीवन संघर्ष, निर्णय क्षमता और नेतृत्व का अद्भुत उदाहरण है, जिससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने भाषण और निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से इंदिरा गांधी के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।
प्राचार्य जय चंद हीर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।