भारत–अमेरिका आर्थिक साझेदारी में तेजी, निवेश-व्यापार विस्तार को नया आयाम

rakesh nandan

23/11/2025

भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, दिल्ली चैप्टर के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने अपने आर्थिक संकेतकों को इतनी मजबूती से संभाला है कि आज देश दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2027 तक तीसरे स्थान पर पहुँचने का मार्ग प्रशस्त कर चुका है।
उन्होंने कहा कि फ्रैजाइल फाइव में शामिल होने वाली भारतीय अर्थव्यवस्था अब ‘स्टेबल एंड स्ट्रॉन्ग फाइव’ में गिनी जा रही है।

गोयल ने वैश्विक सप्लाई-चेन में भारत की बढ़ती भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि कोविड के बाद दुनिया भरोसेमंद ट्रेड पार्टनर ढूंढ रही है, और भारत सबसे मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, एआई, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है।

उन्होंने आगे बताया:

  • भारत में मजबूत बैंकिंग सिस्टम,

  • कम महँगाई दर,

  • घटता राजकोषीय घाटा,

  • बढ़ती उपभोक्ता खर्च क्षमता,

  • और GST जैसे बड़े सुधार,

इन सबने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी व्यापार समझौते में अपने किसानों, मछुआरों, छोटे उद्योगों और घरेलू विनिर्माण सेक्टर के हितों से समझौता नहीं करेगा। भारत का लक्ष्य “तेजी से विकास” के साथ “समावेशी विकास” बनाए रखना है।

बैठक में उपस्थित अमेरिकी निवेशकों ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम, विनिर्माण क्षमता और डिजिटल पेमेंट मॉडल की प्रशंसा की तथा कहा कि आने वाले वर्षों में भारत में AI-enabled टेक कंपनियों, ग्रीन एनर्जी और Data-Infrastructure क्षेत्र में बड़े निवेश संभावित हैं।