हिमाचल प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सुलह विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि भारत आज केवल एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं रहा, बल्कि वैश्विक नीति-निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाने वाला राष्ट्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने “अनुयायी” की भूमिका से निकलकर “नेतृत्वकर्ता” के रूप में अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है। जर्मनी और अमेरिका जैसे देशों के साथ भारत के बढ़ते रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी संबंध इस बात का प्रमाण हैं कि आज भारत विश्व का भरोसेमंद और आवश्यक साझेदार बन चुका है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि हाल ही में जर्मनी द्वारा भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा नियमों में ढील देना तथा रक्षा, खनिज, सेमीकंडक्टर और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी विदेश नीति का परिणाम है। वहीं संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा भारत को अपना सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक और व्यापारिक साझेदार बताना भारत की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंचों पर भारत की आवाज़ को मजबूती से उठाया है। भारत शांति, सहयोग और सह-विकास में विश्वास करता है, लेकिन अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करता। यही कारण है कि आज विश्व की महाशक्तियाँ भारत के साथ साझेदारी को प्राथमिकता दे रही हैं।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत को विकसित भारत से सर्वश्रेष्ठ भारत की ओर ले जाने वाला दूरदर्शी नेतृत्व है। आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा इसके सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस दीपक की तरह हैं, जो स्वयं जलकर देश के 140 करोड़ नागरिकों के भविष्य को रोशन कर रहे हैं। उनके निर्णयों का लाभ आने वाली पीढ़ियाँ उठाएँगी। अंत में विपिन सिंह परमार ने कहा कि यह नया भारत आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्व के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाला समय भारत का है और पूरी दुनिया इस ऐतिहासिक परिवर्तन की साक्षी बन रही है।