मंडी में अवैध मछली बिक्री पर मत्स्य विभाग की कार्रवाई
मंडी जिले में अवैध रूप से मछली बेचने वालों के खिलाफ मत्स्य विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सहायक निदेशक मत्स्य नीतू सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मत्स्य विभाग की टीम द्वारा जिले में अवैध मत्स्य शिकार और बिक्री को रोकने के लिए लगातार निगरानी और निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
बिना परमिट मछली बेचने की मिल रही थीं शिकायतें
उन्होंने बताया कि विभाग को पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ मछली विक्रेता बिना आयात अनुमति (इम्पोर्ट परमिट) के बाहरी राज्यों से मछली लाकर जिले में बेच रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना परमिट बाहरी राज्यों से मछली लाकर उसका विक्रय करना नियमों के विरुद्ध है और इसे अवैध माना जाता है। इस तरह की गतिविधियों से स्थानीय मत्स्य उत्पादन और सरकारी नियमों का उल्लंघन होता है।
मत्स्य अधिनियम के तहत कार्रवाई
नीतू सिंह ने बताया कि इस प्रकार के मामलों में मत्स्य अधिनियम 1976 और मत्स्य नियमावली 2020 के तहत कार्रवाई की जाती है। इन प्रावधानों के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर जुर्माना लगाया जाता है।
चार मामले दर्ज, जुर्माना वसूला
उन्होंने बताया कि हाल ही में कार्रवाई करते हुए विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया।
इस दौरान—
कनैड क्षेत्र में अवैध मछली बिक्री के 2 मामले दर्ज किए गए
पंडोह बाजार में भी 2 मामले दर्ज किए गए
इन मामलों में नियमानुसार कुल 5500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
सहायक निदेशक ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से मछली का विक्रय करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विक्रेताओं से नियमों का पालन करने की अपील
नीतू सिंह ने जिले के सभी मछली विक्रेताओं से अपील की है कि वे बाहरी राज्यों से बिना अनुमति मछली लाकर न बेचें। उन्होंने कहा कि विक्रेता केवल प्रदेश की पंजीकृत मत्स्य सहकारी सभाओं से ही मछली खरीदकर उसका विक्रय करें।
स्थानीय मत्स्य व्यवसाय को मिलेगा लाभ
उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करने से स्थानीय मछली उत्पादकों और मत्स्य सहकारी समितियों को भी लाभ मिलेगा। इससे जिले में मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विभाग का निरीक्षण अभियान जारी
मत्स्य विभाग द्वारा जिले के विभिन्न बाजारों में निरीक्षण अभियान जारी रखा जाएगा। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मछली की बिक्री नियमों के अनुसार हो और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो सके।
नियमों के पालन से ही मिलेगा लाभ
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी विक्रेता यदि निर्धारित नियमों और कानूनों का पालन करेंगे तो न केवल उनके व्यापार में पारदर्शिता आएगी बल्कि स्थानीय मत्स्य उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। मत्स्य विभाग ने कहा कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।