हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक अनोखी और मानवीय संवेदना से भरी घटना सामने आई है। जिला मुख्यालय नाहन के समीप जमटा क्षेत्र में एक गर्भवती महिला ने एचआरटीसी की बस में ही एक नन्ही बच्ची को जन्म दिया। बस में मौजूद चालक, परिचालक और महिला यात्रियों की सूझबूझ और सहयोग से यह प्रसव सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ। प्रसव के बाद मां और नवजात बच्ची को तुरंत डॉ. वाई.एस. परमार मेडिकल कॉलेज नाहन पहुंचाया गया, जहां दोनों को उपचार के लिए भर्ती किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार जच्चा और बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
एचआरटीसी बस में प्रसव का पहला मामला
बताया जा रहा है कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस में बच्चे के जन्म का यह पहला मामला है। नाहन बस अड्डा प्रभारी धर्मेंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि निगम की बस कुंहट–रेणुकाजी–नाहन रूट पर चल रही थी। इसी दौरान गर्भवती महिला सरोज सेहाद नामक स्थान से बस में सवार हुई थी। यात्रा के दौरान जब बस जमटा के पास पहुंची तो महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस स्थिति में चालक और परिचालक को तुरंत इसकी सूचना दी गई।
बस को सड़क किनारे रोककर मांगी मदद
बस में मौजूद चालक और परिचालक ने स्थिति को देखते हुए तुरंत बस को सड़क किनारे रोक दिया। आसपास कोई स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने बस में सफर कर रही महिला यात्रियों से मदद की अपील की। बस में मौजूद महिलाओं ने तुरंत आगे आकर गर्भवती महिला की मदद की और उनकी देखरेख में बस के भीतर ही प्रसव की प्रक्रिया शुरू की गई। महिला यात्रियों की सूझबूझ और सहयोग से बस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया और महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
सुरक्षित अस्पताल पहुंचाई गई मां और बच्ची
प्रसव के बाद चालक और परिचालक ने तुरंत बस को नाहन की ओर रवाना किया और मां तथा नवजात बच्ची को सुरक्षित रूप से मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। नाहन स्थित डॉ. वाई.एस. परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में दोनों को भर्ती किया गया, जहां चिकित्सकों की टीम उनकी देखभाल कर रही है।
समय से पहले हुई डिलीवरी
मेडिकल कॉलेज नाहन के गायनी रोग विशेषज्ञ एवं कार्यवाहक एमएस डॉ. आमोद ने बताया कि गर्भवती महिला सरोज की डिलीवरी समय से पहले हो गई। उन्होंने बताया कि महिला की डिलीवरी की निर्धारित तिथि 27 मार्च थी, लेकिन यात्रा के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और बस में ही सफल प्रसव कराना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल में मां और नवजात बच्ची दोनों का उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत पूरी तरह से स्थिर और सुरक्षित है।
पिता ने जताया आभार
नवजात बच्ची के पिता शमशेर ने बस चालक, परिचालक और बस में मौजूद महिला यात्रियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सरोज गर्भवती थी और वह उसे उपचार के लिए नाहन लेकर आ रहे थे। इसी दौरान यात्रा के दौरान अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि यदि बस में मौजूद लोगों ने समय पर सहयोग न किया होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। शमशेर ने कहा कि चालक, परिचालक और महिला यात्रियों की मदद से उनकी पत्नी की सुरक्षित डिलीवरी हुई और उनकी नवजात बच्ची तथा पत्नी दोनों स्वस्थ हैं।
मानवीय सहयोग की मिसाल
यह घटना न केवल एक अनोखी घटना है बल्कि मानवीय संवेदना और सहयोग का भी एक उदाहरण है। बस में मौजूद लोगों ने आपात स्थिति में जिस प्रकार एक-दूसरे की मदद की, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना की सराहना करते हुए कहा कि चालक, परिचालक और महिला यात्रियों ने समय पर जो निर्णय और सहयोग दिया, उससे मां और बच्ची की जान सुरक्षित रही।