हिमाचल प्रदेश में हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के सेवानिवृत्त कर्मचारियों में पेंशन को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। पेंशनरों का आरोप है कि उन्हें समय पर पेंशन नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एचआरटीसी से सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कहना है कि पहले उन्हें हर महीने की पहली तारीख को पेंशन मिल जाती थी, लेकिन अब पेंशन महीने के आखिरी सप्ताह में दी जा रही है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों पर असर पड़ रहा है।
समय पर पेंशन न मिलने से बढ़ी परेशानी
एचआरटीसी सेवानिवृत्ति पेंशनर कल्याण संघ के अध्यक्ष गुरुदत्त चौहान और पूर्व अध्यक्ष रतन लाल शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मार्च माह का आधा समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि पेंशन के लिए उन्हें कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे बुजुर्ग पेंशनरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
चार वर्षों से लंबित हैं मेडिकल बिल
पेंशनरों का कहना है कि केवल पेंशन ही नहीं बल्कि पिछले चार वर्षों से मेडिकल बिलों का भुगतान भी लंबित है। उन्होंने कहा कि अधिकांश पेंशनर बुजुर्ग हैं और उन्हें इलाज के लिए नियमित रूप से दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत पड़ती है। लेकिन मेडिकल बिलों का भुगतान न होने से उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक कठिन हो रही है।
डीए और अन्य भत्तों से भी वंचित
पेंशनरों ने बताया कि सरकार द्वारा अन्य विभागों के पेंशनरों को 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) दिया जा चुका है, लेकिन एचआरटीसी के पेंशनर अभी तक इस लाभ से वंचित हैं। इसके अलावा सरकार ने 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पेंशनरों को सभी लंबित भत्ते एकमुश्त देने की घोषणा भी की थी, लेकिन एचआरटीसी के पेंशनरों को यह लाभ भी नहीं मिल पाया है।
नए पेंशनरों की पेंशन भी लंबित
पेंशनर कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले दो वर्षों में जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं, उनकी पेंशन तक अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इससे यह स्पष्ट होता है कि एचआरटीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
सरकार के खिलाफ पनप रहा रोष
पेंशनरों का कहना है कि लगातार हो रही देरी के कारण एचआरटीसी सेवानिवृत्त कर्मचारियों में प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेंशन बुजुर्ग कर्मचारियों के जीवन का महत्वपूर्ण सहारा होती है और इसके बिना उनका जीवन यापन करना बेहद कठिन हो जाता है।
आंदोलन की चेतावनी
पेंशनर कल्याण संघ के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो उन्हें मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एचआरटीसी पेंशनरों की लंबित पेंशन, मेडिकल बिल और अन्य भत्तों का जल्द भुगतान किया जाए, ताकि बुजुर्ग कर्मचारियों को राहत मिल सके। पेंशनरों का कहना है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन सरकारी सेवा में दिया है और अब जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।