हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में शामिल होने जा रहीं 297 नई इलेक्ट्रिक बसों के प्रदेश में आने से पहले निगम प्रबंधन द्वारा ट्रायल के लिए मंगवाई गई एक इलेक्ट्रिक बस (प्रोटोटाइप) का बुधवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने निरीक्षण किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने बस के भीतर कुछ आवश्यक सुधारों को लेकर कंपनी के प्रतिनिधियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बस के डिजाइन एवं सुविधाओं में आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए।
जानकारी के अनुसार, 08 जनवरी से इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल लगातार किया जा रहा है। ट्रायल के दौरान पहले दिन सोलन से अर्की वाया मांजू, दूसरे दिन सोलन से सराहा वाया नारग, तीसरे दिन शिमला से गिरीपुल वाया कुफरी-चायल, चौथे दिन शिमला से जयनगर वाया शालाघाट तथा पांचवें दिन शिमला से घड़काशन वाया मशोबरा मार्ग पर बस का सफल परीक्षण किया गया।
प्रोटोटाइप इलेक्ट्रिक बस में 80 प्रतिशत बैटरी चार्ज पर लगभग 180 किलोमीटर तक चलने की क्षमता पाई गई है। ट्रायल पूरा होने के बाद निगम प्रबंधन द्वारा कंपनी को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसमें बस के भीतर किए जाने वाले सुधारों का उल्लेख होगा। उसी के आधार पर नई इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण किया जाएगा।
यह बस हैदराबाद की अलेक्ट्रा कंपनी द्वारा ट्रायल के लिए भेजी गई है। उल्लेखनीय है कि इसी कंपनी की इलेक्ट्रिक बसें पिछले दस वर्षों से रोहतांग जैसे दुर्गम क्षेत्र में सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।
इस मौके पर डॉ. निपुण जिंदल, प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी भी उपस्थित रहे। वहीं देवासेन नेगी, उपायुक्त शिमला ने बताया कि वे स्वयं बस का ट्रायल ले रहे हैं और बस का प्रदर्शन संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने ट्रायल का निरीक्षण कर कंपनी को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।