हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने Himachal Pradesh University परिसर में UGC 2026 नियमों पर एक ओपन टॉक का आयोजन किया। कार्यक्रम में 300 से अधिक शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए।
समानता और न्याय पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एडवोकेट विश्वभूषण ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और न्याय सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि UGC 2026 नियमों का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में भेदभाव को रोकना और सभी वर्गों के छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।
ईक्वल ऑपर्च्युनिटी सेल पर चर्चा
चर्चा के दौरान प्रतिभागियों ने Equal Opportunity Cell और एससी/एसटी प्रकोष्ठ की भूमिका पर सुझाव दिए। वक्ताओं ने इन निकायों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता जताई, ताकि शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो सके। छात्रों ने मांग की कि विश्वविद्यालय परिसर संविधान के समानता और गरिमा के मूल्यों पर आधारित हो तथा सभी समुदायों के छात्रों को बिना भेदभाव शिक्षा का अधिकार मिले।
कार्यक्रम के दौरान विवाद का आरोप
SFI इकाई ने आरोप लगाया कि चर्चा शुरू होने के लगभग 30 मिनट बाद एबीवीपी से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा गालीगलौच और हाथापाई की घटना हुई, जिसमें एक छात्र को चोट आई।संगठन ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि वह छात्रों के मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाता रहेगा और कैंपस में समान, सुरक्षित और समावेशी शैक्षणिक वातावरण के लिए प्रयास जारी रखेगा।
सकारात्मक संवाद की अपील
अंत में SFI इकाई ने सभी छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे विश्वविद्यालय में सकारात्मक और रचनात्मक संवाद को मजबूत करें तथा शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में सहयोग दें।