HP चयन आयोग में 808 शिक्षक पदों पर भर्ती, 8 मई तक आवेदन

rakesh nandan

09/04/2026

हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। Himachal Pradesh Rajya Chayan Aayog (एचपीआरसीए) ने सीबीएसई स्कूलों में विभिन्न विषयों के शिक्षकों के कुल 808 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।

आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि ये भर्तियां फिक्स मानदेय के आधार पर की जाएंगी और इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।


🔹 17 अप्रैल से शुरू होंगे आवेदन

इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 सुबह 10 बजे से शुरू होगी और 8 मई 2026 रात 11:59 बजे तक जारी रहेगी। इच्छुक उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।


🔹 कुल 808 पदों पर भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत विभिन्न विषयों के लिए पद निर्धारित किए गए हैं:

  • संगीत अध्यापक: 118 पद
  • ड्राइंग टीचर: 118 पद
  • संस्कृत अध्यापक: 118 पद
  • फिजिकल एजूकेशन टीचर: 118 पद
  • हिंदी अध्यापक: 151 पद
  • इतिहास अध्यापक: 86 पद
  • भूगोल अध्यापक: 99 पद

इस प्रकार कुल मिलाकर 808 पदों को भरा जाएगा।


🔹 सीबीएसई स्कूलों में नियुक्ति

यह सभी पद सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में भरे जाएंगे, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में मदद मिलेगी। यह भर्ती शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


🔹 फिक्स मानदेय के आधार पर भर्ती

इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को फिक्स मानदेय (Fixed Salary) के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। हालांकि वेतन संबंधी विस्तृत जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में उपलब्ध होगी।


🔹 आवेदन कैसे करें

उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट
👉 hprca.hp.gov.in
पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन करते समय उम्मीदवारों को सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और आवेदन प्रक्रिया को समय पर पूरा करना होगा।


🔹 युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

यह भर्ती उन युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है, जो शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं। खासकर उन अभ्यर्थियों के लिए जो कला, भाषा और खेल विषयों में रुचि रखते हैं, यह एक बड़ा मौका है।


🔹 शिक्षा क्षेत्र को मिलेगा मजबूती

इतने बड़े स्तर पर शिक्षकों की भर्ती से हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे छात्रों को बेहतर शिक्षण वातावरण और विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा।