हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (ट्रेनी) और रेडियोग्राफर के पदों की संख्या में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है। इससे प्रदेश के हजारों अभ्यर्थियों को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।
आयोग के सचिव Dr Vikram Mahajan ने जानकारी देते हुए बताया कि जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (ट्रेनी) के पदों की संख्या में 117 पदों की वृद्धि की गई है। पहले इन पदों की संख्या 234 थी, जिसे अब बढ़ाकर 351 कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि 21 जनवरी 2026 को जारी विज्ञापन (पोस्ट कोड-26001) के तहत इन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। बाद में भर्ती निदेशालय से अतिरिक्त पदों की स्वीकृति मिलने के बाद यह संख्या बढ़ाई गई है। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को विशेष लाभ मिलेगा, जो लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार कर रहे थे।
इसके अलावा रेडियोग्राफर के पदों में भी वृद्धि की गई है। पहले 28 फरवरी 2026 को जारी विज्ञापन (पोस्ट कोड-26009) के तहत 10 पद विज्ञापित किए गए थे, लेकिन अब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशालय से 18 अतिरिक्त पदों की मंजूरी मिलने के बाद कुल पदों की संख्या 28 हो गई है।
इस प्रकार, दोनों भर्तियों में कुल मिलाकर पदों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे प्रतियोगिता के साथ-साथ चयन के अवसर भी बढ़ेंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन भर्तियों से संबंधित अन्य सभी नियम और शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी। यानी आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह पदों की संख्या बढ़ाने से युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलते हैं और इससे प्रदेश में बेरोजगारी दर को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (JOA) का पद प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस पद के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं, क्योंकि यह एक स्थायी और प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी मानी जाती है।
वहीं रेडियोग्राफर का पद स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा होता है, जो अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन पदों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश के युवाओं में इस घोषणा के बाद उत्साह देखा जा रहा है। कई अभ्यर्थियों का मानना है कि पदों की संख्या बढ़ने से उनकी चयन की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।
कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग का यह निर्णय युवाओं के लिए एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।